त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ का पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात उनके गृह जनपद उत्तर प्रदेश के बागपत पहुंच गया। बड़ौत के गांधी रोड स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखा गया है।

UP News : त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ का पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात उनके गृह जनपद उत्तर प्रदेश के बागपत पहुंच गया। बड़ौत के गांधी रोड स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखा गया है। बुधवार सुबह 9 बजे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अनुराग धनखड़ के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, रिश्तेदार और शुभचिंतक उनके आवास पर पहुंच रहे हैं। उनके निधन की खबर के बाद बागपत समेत पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। UP News
मंगलवार रात जब अनुराग धनखड़ का पार्थिव शरीर बड़ौत स्थित आवास पहुंचा तो मां रगबीरी खुद को रोक नहीं सकीं। वह रोते हुए बार-बार कह रही थीं, "मेरे बच्चे... मेरे बच्चे..." इसके बाद उन्होंने बेटे के चेहरे को सहलाकर उसे आखिरी बार दुलारा। वहीं, पत्नी कल्पना पति के पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। बेटे अभिषेक ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन वह खुद भी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। कनाडा से पहुंचे अभिषेक पिता को देखकर बेसुध हो गए और "पापा... पापा..." कहते हुए शव से लिपट गए। UP News
त्रिपुरा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अनुराग धनखड़ का पार्थिव शरीर लेकर बागपत पहुंचे। परिवार और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें अंतिम विदाई की तैयारियां पूरी की गईं। अनुराग धनखड़ मूल रूप से बागपत के बिहारीपुर गांव के रहने वाले थे। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव में हासिल करने के बाद बड़ौत से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह सिंडिकेट बैंक में फील्ड ऑफिसर के पद पर नियुक्त हुए। बैंक की नौकरी के दौरान उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी जारी रखी और वर्ष 1994 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हो गया। बता दें कि बिहारीपुर गांव में अनुराग धनखड़ के परिवार की पुरानी हवेली आज भी मौजूद है। ग्रामीणों के मुताबिक, इसी घर में अनुराग और उनके भाइयों का जन्म हुआ था। समय के साथ परिवार के सदस्य बाहर रहने लगे, जिसके कारण यह हवेली लंबे समय से बंद पड़ी है। ग्रामीणों ने बताया कि अनुराग धनखड़ करीब 25 साल पहले एक पारिवारिक शादी समारोह में गांव आए थे। इसके बाद उनका गांव आना नहीं हुआ, हालांकि गांव के लोगों से उनका जुड़ाव बना रहा। UP News
60 वर्षीय अनुराग धनखड़ अपनी सेवा के अंतिम चरण में थे और करीब 11 महीने बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनका पार्थिव शरीर त्रिपुरा पुलिस मुख्यालय में मिला था। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया है। अनुराग धनखड़ ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी उपलब्धियां हासिल की थीं। उन्होंने मैसूर से फूड टेक्नोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था। इसके अलावा उस्मानिया विश्वविद्यालय से पुलिस मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री और साइबर क्राइम में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी किया था। UP News
अनुराग धनखड़ ने अपने लंबे पुलिस करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। त्रिपुरा के DGP बनने से पहले वह राज्य में DGP (इंटेलिजेंस) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने अमिताभ रंजन के स्थान पर पुलिस महानिदेशक की जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले वह केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में लंबे समय तक तैनात रहे। CBI में उन्होंने पुलिस अधीक्षक, उप महानिदेशक, संयुक्त निदेशक और अतिरिक्त निदेशक जैसे अहम पदों पर काम किया। जांच अधिकारी के तौर पर उनकी पहचान एक अनुभवी और निष्पक्ष अधिकारी के रूप में रही। UP News
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