नए क़ानून के विरोध में उत्तर प्रदेश में सड़कों पर उतरे ट्रक चालक,यात्री परेशान
नए हिट एण्ड रन कानून से होकर परेशान, ट्रक चालकों ने किया चक्का जाम
Uttar Pradesh News
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 03:23 AM
Uttar Pradesh News : सड़क हादसे से जुड़े नए क़ानून को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में रोडवेज़ बसों के चालक और ट्रक चालक हड़ताल पर हैं । बुलंदशहर में भी चालकों ने जाम कर, प्रदर्शन किया। सड़क हादसा होने पर वाहन चालक को 10 वर्ष की सजा या फिर 7 लाख रुपये का जुर्माना वाले सरकार के क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन अब बुलंदशहर तक पहुँच गया है। इसके विरोध में ट्रक चालक, रोडवेज़ बसों के चालक, टेम्पो चालको ने हड़ताल की है।
बस और ट्रक चालकों का प्रदर्शन
दरअसल सरकार एक नया क़ानून लेकर आयी है जिसमें सड़क हादसा होने पर वाहन चालक को 10 वर्ष की सजा और 7 लाख रुपये का जुर्माना तक देना पड़ सकता है । इस क़ानून के बाद से ही इसका विरोध हो रहा है। अब इसके विरोध में ट्रक चालक, रोडवेज़ बसों के चालक, टेंपो चालकों ने बुलंदशहर में भी हड़ताल की है। सोमवार को रोडवेज़ बसों का संचालन बंद कर दिया गया जिसके चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला स्तर के अधिकारियों ने चालकों से बातचीत करने की कोशिश की लेकिन वह अपनी हड़ताल ख़त्म करने के लिए तैयार नहीं है। क़ानून वापस न होने तक हड़ताल न ख़त्म करने के लिए चालको की ओर से कहा गया है। दूसरी ओर हिट एंड रन क़ानून के विरोध में ट्रक चालक भी सड़क पर उतर आए हाईवे पर जाम लगाकर उन्होंने हंगामा किया। पुलिस ने पहुंचकर समझाने की ख़ूब कोशिश की। हाईवे स्थित दिया देहात थाना के समीप इस क़ानून के विरोध में निजी ट्रक चालकों ने हाईवे पर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि जल्द ही इस क़ानून को वापस लिया जाए। सूचना पर पुलिस के अधिकारी मौक़े पर पहुँचे और चालकों को समझाने की कोशिश की।
क़ानून वापस होने तक नहीं थमेगा प्रदर्शन
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सरकार के लाए नए क़ानून के विरोध में उत्तर प्रदेश में ट्रक और बस चालक दोनों ही विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह क़ानून तुरंत वापस लेने चाहिए। जब तक यह क़ानून वापस नहीं होंगे जब तक ट्रक और बसों की हड़ताल जारी रहेगी। बड़े वाहन चालक सरकार के उस क़ानून का विरोध कर रहे हैं जिसमें एक्सीडेंट होने पर 10 लाख रुपये जुर्माना और 7 वर्ष की सजा तक का प्रावधान है।
नए हिट एण्ड रन कानून से होकर परेशान, ट्रक चालकों ने किया चक्का जाम
केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गए नए कानून से परेशान ट्रक चालकों ने जयपुर, मेरठ, आगरा एक्सप्रेस वे सहित और कई हाईवे पर चक्का जाम कर दिया है। ट्रक ड्राइवर और बस चालकों द्वारा हड़ताल से यात्री बेहद परेशान हैं।
सरकार द्वारा बनाए गए कानून से बागपत में बौखलाए ट्रक ड्राइवर
उत्तर प्रदेश में भी सरकार के नए कानून हिट एंड रन के खिलाफ लगातार चालकों में गुस्से का माहौल बना हुआ है। बागपत में भी यातायात पूरी तरह प्रभावित है और अनुबंधित बस के चालक परिचालक अपनी बस को डिपो खड़ी कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और इस कानून को रद्द किए जाने की मांग कर रहे हैं। चालको के प्रदर्शन से बागपत की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। नए साल से लागू हुए इस कानून को सुनकर ट्रांसपोर्ट उद्योग से जुड़े लोग भी बेहद परेशान हो गए हैं। और उनकी परेशानी यह है कि सरकार द्वारा बनाए गए इस कानून की वजह से अनगिनत ड्राइवरों ने काम छोड़ दिया हैं।बागपत में सरकार के नए नियम और हिट एंड रन के खिलाफ लगातार चालकों और परिचालकों का प्रदर्शन चल रहा है। जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया है। राहगीरों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है बागपत में बड़ौत डिपो में करीब 60 से अधिक अनुबंधित बसें हैं जिन्हें चालकों ने बस डिपो में खड़ा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। और हिट एंड रन कानून को रद्द किए जाने की मांग की है कि अगर कानून रद्द नहीं होगा तो वह लगातार आंदोलन जारी रखेंगे। अनुबंधित बस चालक सतबीर ने बताया कि जब तक इस काले कानून को सरकार वापस नहीं ले लेती तब तक वह बस नहीं चलाएंगे। उनके सभी साथियों ने बस चलाने से इंकार कर दिया है और प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं। करीब 60 से अधिक पशुओं को डिपो में खड़ा कर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। बसों के न चलने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। घंटों से बस का इंतजार कर रहे हैं लेकिन बस आ ही नहीं रही है जिससे ज़रूरी काम छूट रहे हैं।
सामान की आवक होगी प्रभावित,मंहगाई बढ़ेगी
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उत्तर प्रदेश में इस हड़ताल का सबसे गहरा असर आम आदमी पर पड़ेगा। और ट्रकों की हड़ताल और चक्का जाम से सब्जी और फल सहित दूध की भी आवक नहीं होगी, जिसका सीधा असर मंहगाई पर पड़ेगा।10 जनवरी 2024 को AIMTC की अगली बैठक होगी। जिसमें यह फैसला लिया जाएगा कि यदि सरकार ट्रक चालकों की मांगे पूरी नहीं करेगी तो ट्रक चालक सरकार के सामने अपना पक्ष रखेगें। नए कानून को लेकर AIMTC के अध्यक्ष (अमृत मदान) ने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि हिट एंड रन के मामलों में कड़े कदम उठाने की सख्त ज़रूरत है। इसलिए इस प्रावधान पर दोबारा सोचने की बेहद ज़रूरत है। ड्राइवरों का कहना है कि काला कानून रद्द किया जाए। वहीं सड़कों पर उतरे चालकों ने यह अनुरोध करते हुए कहा है कि अगर बालिक लोगों से भी एक्सीडेंट होगा तो उनसे भी जुर्माना लिया जाएगा साथ ही सज़ा उन्हें भी दी जाएगी।
नौकरीपेशा लोगों को हो रही है बेहद परेशानी
उत्तर प्रदेश में चक्का जाम और बसों की हड़ताल से सबसे अधिक परेशानी नौकरीपेशा लोगों को हो रही है। नौकरीपेशा व्यक्तियों को चक्का जाम की सूचना ना होने से जब वे निर्धारित समय पर ऑफिस जाने के लिए निकले तो उन्हें रूट पर एक भी बसें नहीं मिलीं। लम्बे समय तक इंतजार करने के बाद भी जब बसें नहीं आई तो उन्होंने मजबूरन ओला और ऑटो सहित दूसरे वाहनों के बारे में पता लगाया तो वह भी एक्का-दुक्का मुश्किल से ही चल रहे थे। जिसके परिणामस्वरूप उन्हें ऑफिस पहुँचने में देर हुई ।