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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के मुखिया को सरसंघ चालक कहा जाता है। वर्तमान में RSS के सरसंघ चालक के पद पर मोहन भागवत तैनात हैं। मोहन भागवत ने उत्तर प्रदेश की धरती से एक बड़ी अपील की है। RSS प्रमुख मोहन भागवत ने यह अपील हिन्दू समाज से की है।

UP News : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के मुखिया को सरसंघ चालक कहा जाता है। वर्तमान में RSS के सरसंघ चालक के पद पर मोहन भागवत तैनात हैं। मोहन भागवत ने उत्तर प्रदेश की धरती से एक बड़ी अपील की है। RSS प्रमुख मोहन भागवत ने यह अपील हिन्दू समाज से की है। उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक कार्यक्रम में बोलते हुए RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि सभी हिन्दू भाई-बहनों को कम से कम 3 बच्चे जरूर पैदा करने चाहिए। RSS प्रमुख मोहन भागवत की इस अपील को लेकर बहस शुरू हो गई है।
RSS प्रमुख मोहन भागवत की अपील को लेकर विश्लेषक अपनी-अपनी राय बता रहे हैं। RSS के विरोधी इस अपील को भारत की जनसंख्या नीति के विरूद्ध बता रहे हैं। वहीं RSS के समर्थक विश्लेषकों का कहना है कि भारत के हिन्दू समाज में जन्मदर तेजी के साथ कम हो रही है। यदि यह जन्मदर 2 से नीचे चली गई तो भविष्य में हिन्दू समाज अल्पसंख्यक होकर मुस्लिम समाज का गुाम बन जाएगा। RSS के समर्थक विश्लेषकों का साफ मत है कि हर हिन्दू को मोहन भागवत की अपील को जरूर स्वीकार कर लेना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के वृंदावन में बोलते हुए RSS प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि कि डॉक्टरों एवं जनसंख्या विशेषज्ञों के अनुसार तीन बच्चों वाले परिवार में माता-पिता और बच्चों की सेहत दुरुस्त रहती है। मानस शास्त्र भी यही बताता है कि ऐसे परिवारों में व्यक्तित्व संतुलित रहता है और झगड़े कम होते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जन्मदर 2 से नीचे जाती है तो देश के लिए खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए परिवार में तीन बच्चे होने से न केवल माता-पिता और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि समाज में संतुलन भी बना रहता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनसंख्या नीति पर पुनर्विचार के साथ देश में समान रूप से लागू होना चाहिए।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने जनसंख्या नीति की बात करते हुए कहा कि देश में नई जनसंख्या नीति लाने से पहले जनता को समझाया जाए। अचानक कानून लागू न किया जाए। यह सभी नागरिकों के हित की बात है, इसलिए नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। जहां जरूरत हो, वहां कठोरता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान पॉपुलेशन पॉलिसी 2.1 बच्चे की औसत जन्मदर की बात करती है, लेकिन वास्तविकता में 2 से ज्यादा बच्चे होने चाहिए ताकि जनसंख्या संतुलित रहे। जनसंख्या नीति पर फिर से गंभीरता से विचार होना चाहिए और 50 साल बाद देश को कितने लोगों की जरूरत होगी, इसका अनुमान लगाकर नीति बनाई जानी चाहिए। UP News
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