वाराणसी स्थित संपूणार्नंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह में इस वर्ष एक खास उपलब्धि देखने को मिलेगी। करीब एक दशक बाद विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंच पर दो मुस्लिम छात्राओं को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा।

UP News : वाराणसी स्थित संपूणार्नंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह में इस वर्ष एक खास उपलब्धि देखने को मिलेगी। करीब एक दशक बाद विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंच पर दो मुस्लिम छात्राओं को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। तमन्ना बानो और कायनाम खानम ने अपनी-अपनी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पदक विजेताओं की सूची जारी कर दी है और उस पर प्रमाण सहित आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 13 जुलाई तक का समय दिया है।
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जारी सूची के अनुसार आयुवेर्दाचार्य परीक्षा के चारों व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर तमन्ना बानो को मंगनीराम बागड़ स्वर्ण पदक और पंडित दयाशंकर द्विवेदी स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। वहीं संस्कृत विद्या संकाय की छात्रा कायनाम खानम को आचार्य पाठ्यक्रम में सर्वोच्च अंक हासिल करने पर स्वर्ण पदक दिया जाएगा। दोनों छात्राओं की सफलता को विश्वविद्यालय में उल्लेखनीय उपलब्धि माना जा रहा है। जानकारों के अनुसार इससे पहले वर्ष 2015-16 के दीक्षांत समारोह में एक मुस्लिम छात्रा को स्वर्ण पदक मिला था। इसके बाद लगभग दस वर्षों तक किसी मुस्लिम छात्रा का नाम स्वर्ण पदक विजेताओं की सूची में शामिल नहीं हुआ।
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इस वर्ष विश्वविद्यालय के ओवरआॅल टॉपर नव्यव्याकरण विभाग के छात्र अर्जुन कुमार दुबे रहे हैं। उन्हें एक या दो नहीं, बल्कि कुल आठ स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया जाएगा। इनमें डॉ. गंगानाथ झा स्वर्ण पदक, रिपन स्वर्ण पदक और चंद्रशेखर शास्त्री-बैकुंठनाथ शास्त्री स्वर्ण पदक सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान शामिल हैं। इसके अलावा अथर्ववेद के छात्र रवि दीक्षित और साहित्य की छात्रा जया चौबे को पांच-पांच स्वर्ण पदक मिलेंगे। वहीं रामानंद वेदांत और रामानुज वेदांत के छात्र अनुप कुमार शुक्ला तथा संगम शुक्ला को तीन-तीन स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। कई अन्य विद्यार्थियों को भी दो-दो पदकों से सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय में कुल 62 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाने की व्यवस्था है, लेकिन इस वर्ष विभिन्न कारणों से पांच पदक नहीं दिए जाएंगे। ऐसे में कुल 57 स्वर्ण पदकों के लिए 32 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदकों के साथ-साथ शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधियां भी प्रदान की जाएंगी।
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विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस वर्ष शिक्षाशास्त्र और तुलनात्मक धर्म दर्शन विषयों में कोई विद्यार्थी टॉपर नहीं रहा। इसी कारण शिक्षाशास्त्री (बीएड) के लिए निर्धारित सुभद्रा राजेश्वर उपाध्याय स्वर्ण पदक नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा शिक्षाचार्य और दार्शनिक निबंध के लिए निर्धारित डॉ. संपूणार्नंद स्वर्ण पदक भी इस बार स्थगित रखे गए हैं। विश्वविद्यालय ने पदक विजेताओं की प्रारंभिक सूची जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी विद्यार्थी या संबंधित पक्ष को सूची पर कोई आपत्ति है तो वह 13 जुलाई तक प्रमाण सहित अपनी आपत्ति विश्वविद्यालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेज सकता है। निर्धारित समय के बाद प्राप्त आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके बाद अंतिम सूची जारी कर दीक्षांत समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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