उत्तर प्रदेश की राजनीति हर रोज बदल रही है। इस बदलती हुई राजनीति के बीच उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का भरपूर प्रयास है कि वह उत्तर प्रदेश में जीत की हैट्रिक (लगातार तीन बार जीत) दर्ज करे।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति हर रोज बदल रही है। इस बदलती हुई राजनीति के बीच उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का भरपूर प्रयास है कि वह उत्तर प्रदेश में जीत की हैट्रिक (लगातार तीन बार जीत) दर्ज करे। उधर प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए बेचैन है। इसी कड़ी में भाजपा तथा सपा आए दिन नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। ऐसा ही एक प्रयोग पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा ने त्यागी तथा ब्राह्मण सम्मेलन के नाम पर किया। सपा का यह प्रयोग पूरी तरह से फ्लाप साबित हुआ है। UP News
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के सोहजनी तगान गाँव में 23 अगस्त को समाजवादी पार्टी का त्यागी-ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित किया गया। सपा को उम्मीद थी कि इस सम्मेलन से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में त्यागी तथा ब्राह्मणों को समाजवादी पार्टी के साथ जोड़ लिया जाएगा। नतीजा ठीक उलटा निकला। सपा का त्यागी ब्राह्मण सम्मेलन पार्टी के पुराने नेता प्रमोद त्यागी को मुजफ्फरनगर जिले की बुढ़ाना सीट से विधानसभा का टिकट देने की मांग पर सिमट कर रह गया। इस सम्मेलन के फ्लाप शो में तब्दील होने पर सपा के तमाम नेता अलग-अलग आरोप लगा रहे हैं। UP News
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल लगातार तेज होती जा रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 23 अगस्त को आयोजित त्यागी-ब्राह्मण बौद्धिक सम्मेलन में घोसी लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद सामने आए ताजा अपडेट में राजीव राय की ओर से प्रमोद त्यागी को सपा टिकट दिलाने के लिए पैरवी करने की बात भी सामने आई है। मुजफ्फरनगर के शाहपुर-मंसूरपुर मार्ग पर गांव सोहंजनी तगान स्थित आरके फार्म हाउस में रविवार को यह सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ सपा नेता और जिला बार एसोसिएशन मुजफ्फरनगर के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी की ओर से किया गया था। सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश बुढ़ाना विधानसभा सीट को लेकर सामने आया। मौजूद लोगों ने मांग उठाई कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी प्रमोद त्यागी को बुढ़ाना से अपना प्रत्याशी बनाए। UP News
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे सपा सांसद राजीव राय ने सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी और युवाओं सहित विभिन्न वर्गों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए राजनीतिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। सम्मेलन के बाद सामने आए अपडेट के मुताबिक, राजीव राय ने प्रमोद त्यागी को सपा से टिकट दिलाने के लिए पैरवी करने का आश्वासन दिया है। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बुढ़ाना सीट से 2027 में सपा के संभावित उम्मीदवारों को लेकर अभी से राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। प्रमोद त्यागी का नाम बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र से सपा के प्रमुख दावेदारों में पहले से चर्चा में रहा है। सम्मेलन से पहले उन्होंने कहा था कि मुजफ्फरनगर की राजनीति में त्यागी और ब्राह्मण समाज को लंबे समय से अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है और समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी के सवाल पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। UP News
बुढ़ाना विधानसभा सीट मुजफ्फरनगर जिले की महत्वपूर्ण सीटों में शामिल है। 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां राष्ट्रीय लोक दल के राजपाल सिंह बालियान ने भाजपा के उमेश मलिक को 28 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया था। उपलब्ध चुनावी विश्लेषणों के अनुसार बुढ़ाना में मुस्लिम, जाट और अनुसूचित जाति के मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले त्यागी-ब्राह्मण समाज की राजनीतिक सक्रियता को किसी भी दल के लिए नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा। सम्मेलन में उठी प्रमोद त्यागी को टिकट देने की मांग इसी बड़े राजनीतिक समीकरण का हिस्सा मानी जा रही है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रमोद त्यागी ने राजनीति में ईमानदारी, विश्वास और सम्मान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी किसी को धोखा नहीं दिया और समाज के हित तथा राजनीतिक अधिकारों के लिए मजबूती से खड़े रहेंगे। उन्होंने समाज की एकजुटता और राजनीतिक हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर दिया। 23 अगस्त के सम्मेलन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रमोद त्यागी को बुढ़ाना से अपना प्रत्याशी बनाती है? फिलहाल पार्टी की ओर से आधिकारिक टिकट की घोषणा नहीं हुई है। लेकिन सम्मेलन में उठी मांग और राजीव राय की ओर से पैरवी के आश्वासन ने प्रमोद त्यागी की दावेदारी को निश्चित रूप से नई राजनीतिक चर्चा दे दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2027 की चुनावी तैयारियां अभी शुरुआती दौर में हैं, लेकिन बुढ़ाना में 23 अगस्त का त्यागी-ब्राह्मण सम्मेलन यह संकेत दे गया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में सामाजिक प्रतिनिधित्व और टिकट वितरण बड़ा चुनावी मुद्दा बनने वाला है। UP News
विज्ञापन