उत्तर प्रदेश में 415 परिवारों को अल्टीमेटम, खाली करनी होगी जमीन
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 05:12 AM
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले स्थित बेहट कस्बे के इंदिरा कॉलोनी में रहने वाले 415 परिवारों को सिंचाई विभाग ने भूमि खाली करने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर कॉलोनी के मकानों पर निशानदेही की और चेतावनी दी कि तीन दिन के अंदर अगर जमीन खाली नहीं की जाती है, तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। UP News
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले स्थित बेहट कस्बे के इंदिरा कॉलोनी में कुल 415 परिवार रहते हैं, जिनमें से कई परिवारों का कहना है कि वे लंबे समय से यहां निवास कर रहे हैं। हालांकि, सिंचाई विभाग का दावा है कि यह कॉलोनी अवैध रूप से उनकी भूमि पर बनी हुई है। विभाग का कहना है कि पहले भी परिवारों को नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें उन्हें अपनी संपत्ति खाली करने के लिए कहा गया था।
विभाग की कार्रवाई को लेकर कुछ परिवार सिविल कोर्ट भी चले गए थे, और यहां तक कि कोर्ट से स्थगन आदेश भी प्राप्त किया था। लेकिन सोमवार को सिंचाई विभाग की टीम ने फिर से इंदिरा कालोनी का दौरा किया, और स्थगन आदेश लेने वाले परिवारों को छोड़कर बाकी सभी परिवारों के मकानों पर लाल रंग से क्रॉस चिह्नित किया। इसके बाद, इन परिवारों को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तीन दिन के भीतर अगर भूमि खाली नहीं की जाती, तो विभाग को मजबूरन ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ेगी। इसके बाद विभाग भूमि को कब्जामुक्त कराकर सरकारी योजनाओं के लिए इस्तेमाल करेगा।
अदालत के आदेश का असर
अभी तक, जिन परिवारों ने सिविल कोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त किया है, उन्हें ध्वस्तीकरण से राहत दी गई है। लेकिन अन्य परिवारों के लिए अब तीन दिन का समय ही संकट बन सकता है, क्योंकि यदि उन्होंने भूमि खाली नहीं की, तो उन्हें अपनी संपत्ति से हाथ धोना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का यह मामला फिलहाल विवादों का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया और यह निर्णय अचानक लिया गया। वहीं, सिंचाई विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई कानून के तहत की जा रही है, ताकि अवैध कब्जों को हटाया जा सके।