
Umesh Pal murder case : प्रयागराज: पति के हत्यारों को उनके सही मुकाम तक पहुंचाने के लिए उमेश पाल की पत्नी जया पाल अब राजनीति में उतरने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि यदि भाजपा उन्हें मेयर का टिकट देती है तो वह जरूर चुनाव में उतरेंगी। उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद को उम्रकैद की सजा मिलने और अशरफ को बरी किए जाने के बाद जया पाल का कहना है कि जब तक इन लोगों को फांसी की सजा नहीं मिलती है तब तक वह शांत बैठने वाली नहीं हैं।
जया पाल का कहना है वह अपने पति उमेश पाल को इंसाफ दिलाना चाहती हैं। हालांकि इस बीच उन्हें माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों से परिवार की सुरक्षा का खतरा भी सता रहा है। पति की मौत के तकरीबन डेढ़ माह बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
अतीक और अशरफ को लेकर जया का कहना था कि जब तक इस तरह के माफिया जिंदा हैं तब तक आम आदमी बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। लिहाजा इन लोगों को जितना जल्दी हो सके फांसी पर लटका देना चाहिए। इस बीच उमेश की मां शांति देवी औऱ पत्नी जया पाल सीएम योगी से मुलाकात की आस लगाए हुए बैठी हैं।
उमेश पाल की पत्नी जया का कहना है कि यदि पति को न्याय दिलाने के लिए उन्हें मेयर का चुनाव भी लड़ना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटेंगी। हालांकि वह अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत भाजपा से करना चाहती हैं। उनका कहना है कि जिस पार्टी ने उनके पति थे वह भी उसी पार्टी का हिस्सा बनेंगी। इस बीच 'पति के सम्मान में जया पाल मैदान में' के स्लोगन वाला पोस्टर भी जमकर वायरल हो रहा है।
इस वायरल हो रहे पोस्टर में जया पाल को भाजपा से प्रत्याशी दर्शाया जा रहा है। इस पोस्टर को लेकर जया पाल का कहना है कि उन्हें इसको लेकर कोई जानकारी नहीं है। लेकिन अगर लोग उन्हें राजनीति में देखना चाहते हैं तो वह पीछे नहीं हटेंगी। उन्हें सिर्फ भाजपा के निर्देश का पालन करना है। यदि भाजपा उन्हें चुनाव में उतारती है तो वह चुनाव जरूर लड़ेंगी।