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मेरठ के खरखौदा थाना परिसर की जमीन पर बनी कथित थाने वाली मस्जिद को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। राजस्व विभाग की जांच में यह सामने आया है कि मस्जिद का निर्माण थाना परिसर की जमीन पर अतिक्रमण करके किया गया है।

UP News : मेरठ के खरखौदा थाना परिसर की जमीन पर बनी कथित थाने वाली मस्जिद को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। राजस्व विभाग की जांच में यह सामने आया है कि मस्जिद का निर्माण थाना परिसर की जमीन पर अतिक्रमण करके किया गया है। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने मस्जिद कमेटी को 7 दिन के भीतर अवैध निर्माण हटाने का नोटिस जारी किया है। हालांकि मस्जिद कमेटी का दावा है कि यह जमीन वक्फ संपत्ति है, लेकिन अब तक इसके समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज प्रशासन को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
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राजस्व विभाग की पैमाइश और रिकॉर्ड जांच के बाद प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण थाना परिसर की अधिग्रहित जमीन पर किया गया है। खसरा संख्या 1217 के तहत दर्ज भूमि थाना परिसर के नाम पर दर्ज बताई जा रही है, जिसमें बाद में अवैध निर्माण कर मस्जिद बना दी गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मस्जिद कमेटी को पहले अपनी दलील और दस्तावेज पेश करने का अवसर दिया गया था। रविवार शाम तक का समय भी दिया गया, लेकिन कोई वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद अब 7 दिन की अंतिम चेतावनी जारी की गई है।
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मस्जिद के इमाम का कहना है कि यह जमीन वर्ष 1985 में वक्फ बोर्ड में दर्ज हो चुकी है और इसके दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। उनका दावा है कि सभी जरूरी कागजात पुलिस को पहले ही सौंपे जा चुके हैं और निर्माण वैध है। एसपी ग्रामीण के अनुसार यह मामला पुराने रिकॉर्ड और नई पैमाइश के आधार पर सामने आया है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और तय समय सीमा के भीतर अवैध निर्माण हटाना अनिवार्य होगा।
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