
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निशातगंज इलाके से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने चोरी की पारंपरिक परिभाषा ही बदल दी है। आमतौर पर चोरी करने वाले आरोपी पैसे को उड़ाकर या अपने आराम-खुशी पर खर्च कर देते हैं, लेकिन इस मामले में स्थिति बिल्कुल अलग है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक कारोबारी के घर से लाखों रुपये और कीमती जेवरात चोरी करने वाला नौकर न केवल रकम को सुरक्षित रखने में सफल रहा, बल्कि उसने उसे विभिन्न निवेश योजनाओं में लगा दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने चोरी की रकम से बीमा पॉलिसी खरीदी, एसआईपी और एफडी में निवेश किया और दस लाख रुपये की जमीन भी खरीदी। इस खुलासे ने लखनऊ में रहने वाले कारोबारी और उनके परिवार को हैरत में डाल दिया। Uttar Pradesh Samachar
कारोबारी ने पुलिस को बताया कि आरोपी नौकर और उसकी पत्नी बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले हैं। वर्षों से वे उनके घर में काम कर रहे थे और घर के हर कोने तक उनकी पहुंच थी। लंबे समय तक काम करने और भरोसा जीतने के बाद परिवार ने उन्हें घर की देखरेख की जिम्मेदारी सौंप दी। लेकिन इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए नौकर ने योजनाबद्ध तरीके से चोरी को अंजाम दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कारोबारी के फ्लैट से आरोपी ने लाखों रुपये नकद और बहुमूल्य जेवरात गायब कर दिए। शुरुआती तौर पर किसी को भनक तक नहीं लगी। जब कारोबारी ने सामान की जाँच की और अलमारी की तलाशी ली, तब उन्हें संदेह हुआ। सख्त पूछताछ में आरोपी ने चोरी की बात कबूल कर ली।
पूछताछ में नौकर ने स्पष्ट किया कि उसने चोरी की रकम को खर्च नहीं किया, बल्कि अपने शहर के बैंककर्मी की मदद से उसे निवेश में लगाया। उसने बताया कि रकम का इस्तेमाल बीमा पॉलिसी, एसआईपी और एफडी में किया गया। इतना ही नहीं, दस लाख रुपये की जमीन भी खरीदी गई। कारोबारी और उनके परिवार के लिए यह जानना किसी झटके से कम नहीं था कि उनके भरोसेमंद नौकर ने चोरी को एक आर्थिक योजना में बदल दिया। माल बरामदगी का भरोसा दिलाने के बाद नौकर और उसकी पत्नी अचानक फरार हो गए। कारोबारी ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब उस बैंककर्मी की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसकी मदद से निवेश किया गया। कारोबारी ने बताया कि नौकर ने पूछताछ में स्पष्ट किया कि निवेश में बैंककर्मी की मदद ली गई। पुलिस यह पता लगा रही है कि कितनी रकम किस निवेश योजना में डाली गई और किन बैंकों या कंपनियों से लेन-देन हुआ। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कोई साधारण चोरी नहीं बल्कि योजनाबद्ध आर्थिक अपराध है। अगर थोड़ी और देर होती तो रकम का हिसाब लगाना मुश्किल हो जाता। कारोबारी ने कहा कि वर्षों की सेवा और भरोसे के बाद उन्होंने नौकर को घर का हिस्सा मान लिया था। इसी भरोसे की आड़ में नौकर और उसकी पत्नी ने चोरी को अंजाम दिया और रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर दी।
पुलिस ने कहा कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाए जा रहे हैं। निवेश के दस्तावेज, बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी को खंगाला जा रहा है। जल्द ही नौकर और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया जाएगा और बैंककर्मी से भी पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने जानबूझकर मदद की या अनजाने में शामिल हो गया। Uttar Pradesh Samachar