उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में प्लॉट की रजिस्ट्री से ठीक पहले एक 58 वर्षीय व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में आग से झुलसने के बाद मौत हो गई। मृतक ने इलाज के दौरान दिए अपने बयान में दूसरी पत्नी पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने का आरोप लगाया था।

UP News : उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में प्लॉट की रजिस्ट्री से ठीक पहले एक 58 वर्षीय व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में आग से झुलसने के बाद मौत हो गई। मृतक ने इलाज के दौरान दिए अपने बयान में दूसरी पत्नी पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने का आरोप लगाया था। वहीं पत्नी का दावा है कि उसके पति ने खुद आग लगाई थी और उन्हें बचाने के प्रयास में वह भी झुलस गई। पुलिस ने पहले हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था, जिसे अब मौत के बाद हत्या की धारा में बदलने की तैयारी की जा रही है। UP News
बारासगवर थाना क्षेत्र के धानीखेड़ा गांव निवासी 58 वर्षीय हृदयेश तिवारी गुरुवार सुबह अपनी पत्नी रानू के नाम एक प्लॉट की रजिस्ट्री कराने जाने वाले थे। परिजनों के मुताबिक, रजिस्ट्री से पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। कुछ ही देर बाद हृदयेश घर से आग की लपटों में घिरे बाहर निकले और मदद के लिए चिल्लाने लगे। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाई। गंभीर रूप से झुलसे हृदयेश को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी हालत नाजुक होने पर कानपुर रेफर किया गया। बाद में उन्हें लखनऊ भेजा गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, अस्पताल में उपचार के दौरान हृदयेश का बयान दर्ज किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी पत्नी रानू, उसके भाई और उसकी भांजी ने उन पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। मृतक की बेटी सोनम ने भी पुलिस को दी गई तहरीर में यही आरोप दोहराया है। उनका कहना है कि गुरुवार को वह अपनी दिवंगत मां के बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज तैयार कराने बाहर गई थीं। इसी दौरान सौतेली मां और उसके परिजनों ने पिता पर हमला कर उन्हें आग के हवाले कर दिया। UP News
हृदयेश तिवारी की पहली पत्नी रजनी का वर्ष 2023 में बीमारी के कारण निधन हो गया था। पहली पत्नी से उनकी एक बेटी सोनम है, जिसकी शादी हो चुकी है। परिवार के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले हृदयेश ने नवाबगंज निवासी रानू से कोर्ट मैरिज की थी। बताया जा रहा है कि तीन महीने पहले उन्होंने शिवनगर स्थित अपना मकान बेच दिया था। इसके बाद खुजरियाबाग इलाके में नया मकान बनवाकर दूसरी पत्नी के साथ रहने लगे थे। हृदयेश शटरिंग और प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़े थे। दूसरी ओर रानू ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि गुरुवार को प्लॉट की रजिस्ट्री के लिए उनके भाई को गवाह के रूप में बुलाया गया था। रजिस्ट्री के लिए निकलने से पहले हृदयेश बाथरूम में गए और वहीं खुद आग लगा ली। उन्हें बचाने की कोशिश में वह स्वयं भी झुलस गईं और जिला अस्पताल में भर्ती हैं। रानू ने बताया कि हृदयेश उनके तीसरे पति थे। पहले पति से अलगाव हो चुका था, जबकि दूसरे पति की दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनके दो बच्चे भी हैं। UP News
रानू का कहना है कि करीब पंद्रह दिन पहले उन्होंने सदर कोतवाली में अपने पति के खिलाफ शिकायत दी थी। उनका आरोप था कि हृदयेश के एक अन्य महिला से संबंध थे और विरोध करने पर वह मारपीट करते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पति संपत्ति में उस महिला को हिस्सा देने की बात करते थे और विरोध करने पर पूरे परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देते थे। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। UP News
सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायल का बयान दर्ज किया था। मृतक की बेटी की शिकायत पर पहले हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। अब हृदयेश की मौत के बाद मामले में हत्या की धारा जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है। फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल जारी है। UP News
विज्ञापन