उन्नाव जिले के शुक्लागंज स्तिथ राहुल सप्रू मैदान पर आयोजित KDMA लीग मैच के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने खिलाड़ियों और अंपायरों पर हमला कर दिया। इस हादसे में कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) के वरिष्ठ अंपायर मानिक गुप्ता (65) की मौत हो गई, जबकि दूसरे अंपायर समेत कई खिलाड़ी और स्कोरर घायल हो गए।

UP News : उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के शुक्लागंज में बुधवार को खेला जा रहा अंडर-13 क्रिकेट मुकाबला अचानक मातम में बदल गया। उन्नाव जिले के शुक्लागंज स्तिथ राहुल सप्रू मैदान पर आयोजित KDMA लीग मैच के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने खिलाड़ियों और अंपायरों पर हमला कर दिया। इस हादसे में कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) के वरिष्ठ अंपायर मानिक गुप्ता (65) की मौत हो गई, जबकि दूसरे अंपायर समेत कई खिलाड़ी और स्कोरर घायल हो गए।
जानकारी के मुताबिक, अंडर-13 लीग के तहत वाईएमसीसी और पैरामाउंट के बीच मैच खेला गया था। मुकाबला समाप्त होने के बाद मानिक गुप्ता मैदान पर ही दूसरे अंपायर जगदीश का इंतजार कर रहे थे, जो पास के ग्राउंड में चल रहे मैच में अंपायरिंग कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों का झुंड मैदान पर टूट पड़ा। हमले से बचने के लिए कई खिलाड़ी जमीन पर लेट गए, कुछ इधर-उधर दौड़कर सुरक्षित जगहों में छिपे। एक अंपायर किसी तरह बाथरूम में घुसकर बच निकले, लेकिन मानिक गुप्ता और जगदीश झुंड के बीच फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जगदीश किसी तरह खुद को बचाने में सफल रहे, लेकिन मानिक गुप्ता पर मधुमक्खियों ने करीब दस मिनट तक लगातार हमला किया। उनके शरीर पर 50 से अधिक डंक लगे। उम्र अधिक होने और पहले से हृदय रोग की समस्या के चलते उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ती चली गई। मैदान में मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें निकालने की कोशिश की और प्राथमिक मदद देकर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। घटना के बाद मैदानकर्मियों और पूर्व रणजी खिलाड़ी राहुल सप्रू की मदद से उन्हें शुक्लागंज के निजी अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन आरोप है कि कई अस्पतालों ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया। रास्ते में उनकी हालत और गंभीर हुई और अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में कार्डियोलॉजी विभाग में भी ले जाया गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
इस हमले में अंपायर सुनील निषाद सहित कई खिलाड़ी और स्कोरर के घायल होने की सूचना है। राहत की बात यह है कि सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे मैदान परिसर में दहशत का माहौल रहा और आयोजकों के साथ स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मैदान परिसर में पहले से मधुमक्खियों का छत्ता मौजूद था। इसे हटाने या सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उत्तर प्रदेश में खेल मैदानों और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर यह घटना गंभीर चेतावनी मानी जा रही है। फीलखाना, कानपुर निवासी मानिक गुप्ता करीब 30 वर्षों से अंपायरिंग कर रहे थे। उन्हें क्रिकेट सर्किट में अनुभवी और अनुशासित अंपायर के तौर पर जाना जाता था। UP News