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Rahul Gandhi UP Politics : राहुल गांधी ने कहा कि संविधान कोई साधारण दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह डॉ. आंबेडकर, वीरा पासी और महात्मा गांधी की विचारधारा के साथ-साथ केरल के नारायण गुरु और कर्नाटक के बसवन्ना जैसे अनेक समाज सुधारकों के योगदान को आगे बढ़ाने वाला दस्तावेज है।

UP News: राहुल गांधी ने रायबरेली के लोधवारी गांव में महाबली वीरा पासी की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके बाद राहुल गांधी ने ‘बहुजन स्वाभिमान सभा’ को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने बार वीरा पासी और डॉ भीम राव अंबेडकर का जिक्र किया। इस पूरे घटनाक्रम के जानकार गहरे राजनीतिक मायने निकाल रहे हैं।
वीरा पासी एक ऐसी ऐतिहासिक शख्सियत हैं जिस पर पासी समुदाय गर्व करता है। 1857 की क्रांति के दौरान उनके शौर्य की गाथाएं आज भी पासी समुदाय में याद की जाती हैं। गदर के दौरान वे राजा राणा बेनी माधव के सेनापति थे। अंग्रेजों ने जब राणा बेनी माधव को गिरफ्तार कर रायबरेली की जेल में बंद कर रखा था तो तो वारी पासी ही जेल तोड़कर राणा बेनी माधव को बाहर निकाला था।
यूपी की राजनीति में पासी समुदाय अहम
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रायबरेली में करीब 5 लाख से ज्यादा पासी वोटर हैं। जिले की सभी विधानसभा सीटों पर पासी वोटर निर्णायक भूमिका में है। माना जाता है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी की जीत में पासी वोटरों का अहम रोल था।
उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति (SC)यानी दलितों की आबादी करीब 21 फीसदी है। दलितों के भीतर पहले नंबर जाटव समाज का है, जो करीब 54 फीसदी है। दूसरा नंबर पासी समाज का आता है जो कुल दलित आबादी का लगभग 16 फीसदी है। यह उत्तर प्रदेश की कुल आबादी का करीब 3.2 फीसदी से अधिक है।
पासी समुदाय का सबसे मजबूत प्रभाव उत्तर प्रदेश के अवधऔर पूर्वांचल के क्षेत्रों में है। राज्य की लगभग 65 से 70 विधानसभा सीटों और 12 से 15 लोकसभा सीटों पर इस समुदाय के मतदाता बेहद निर्णायक भूमिका में है।
इसी सियासी और सामाजिक गणित को समझते हुए हुए राहुल गांधी ने वीरा पासी की मूर्ति का अनावरण किया. बहुजन समाज के स्वाभिमान का नारा देकर अपने सियासी दुर्ग रायबरेली को और मजबूत करने की कोशिश की है। UP News
राहुल गांधी ने सभा में क्या कहा?
‘बहुजन स्वाभिमान सभा’ में राहुल गांधी ने कहा, “अन्य वक्ताओं को सुनते हुए मुझे लगा कि हम वीरा पासी और डॉ. आंबेडकर को याद तो करते हैं, लेकिन जिस विचारधारा के लिए वे खड़े थे, उसकी ठीक से रक्षा नहीं कर रहे हैं, क्योंकि हमारी आंखों के सामने संविधान पर हमला हो रहा है।" उन्होंने कहा कि संविधान कोई साधारण दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह डॉ. आंबेडकर, वीरा पासी और महात्मा गांधी की विचारधारा के साथ-साथ केरल के नारायण गुरु और कर्नाटक के बसवन्ना जैसे अनेक समाज सुधारकों के योगदान को आगे बढ़ाने वाला दस्तावेज है।
राहुल ने बुद्ध, गुरु नानक और कबीर का भी संदर्भ देते हुए कहा कि उनकी आवाज संविधान में प्रतिबिंबित होती है। UP News
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