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UP News: संभल में 100 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी भूमि घोटाले में शाहजहांपुर के सहायक नगर आयुक्त राज कुमार गुप्ता गिरफ्तार। जानिए पूरा मामला, पुलिस जांच और अब तक क्या-क्या सामने आया।

उत्तर प्रदेश में सरकारी जमीन से जुड़े एक बड़े कथित घोटाले में पुलिस ने अहम कार्रवाई की है। संभल-मुरादाबाद मार्ग पर स्थित 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की सरकारी भूमि के कथित अवैध हस्तांतरण के मामले में शाहजहांपुर में तैनात सहायक नगर आयुक्त राज कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिले जिसके बाद उन्हें बुधवार को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, यह मामला संभल-मुरादाबाद मार्ग पर स्थित कीमती सरकारी भूमि के कथित अवैध हस्तांतरण से जुड़ा है। आरोप है कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और सरकारी भूमि को नियमों के विपरीत स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अपनाई गई। इस पूरे मामले से सरकारी खजाने को 100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का दावा किया गया है।
गिरफ्तार किए गए राज कुमार गुप्ता वर्तमान में शाहजहांपुर में सहायक नगर आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। पुलिस के मुताबिक, जिस समय कथित अनियमितताएं हुईं उस दौरान वह संभल नगर परिषद में कार्यकारी अधिकारी के पद पर तैनात थे। जांच में उनकी भूमिका सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।
संभल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। जांचकर्ताओं को राज कुमार गुप्ता के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले जिसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि इस मामले में संभल कोतवाली थाने में 31 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की संबंधित धाराएं शामिल की गई हैं।
पुलिस का आरोप है कि जांच के दौरान यह भी सामने आया कि राज कुमार गुप्ता ने निजी लाभ के उद्देश्य से अन्य आरोपियों के साथ कथित मिलीभगत की। उन पर आरोप है कि उन्होंने आरोपियों के पक्ष में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल कर गांव की सामुदायिक भूमि के कथित अवैध हस्तांतरण में मदद की। पुलिस के अनुसार, इसके बाद संबंधित रिट याचिका का निस्तारण हो गया।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी कार्रवाई जारी है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
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