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उत्तर प्रदेश पुलिस में सोशल मीडिया रील बनाने का चलन एक बार फिर विभागीय अनुशासन पर सवाल खड़े कर रहा है। लगातार चेतावनियों के बावजूद वर्दी में रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश पुलिस में सोशल मीडिया रील बनाने का चलन एक बार फिर विभागीय अनुशासन पर सवाल खड़े कर रहा है। लगातार चेतावनियों के बावजूद वर्दी में रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला शाहजहांपुर से सामने आया है, जहां ड्यूटी के दौरान बनाई गई रील छह पुलिसकर्मियों के लिए भारी पड़ गया। पुलिस अधीक्षक ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार महिला और दो पुरुष सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है। UP News
मामला परौर थाने का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, थाने में तैनात कुछ महिला पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान थाना परिसर और कार्यालय क्षेत्र में रील तैयार की और उसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड कर दिया। वर्दी में बनाए गए इस वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामला पुलिस प्रशासन तक पहुंच गया। इसके बाद किसी व्यक्ति ने वीडियो को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा करते हुए कार्रवाई की मांग उठाई, जिसके बाद विभाग सक्रिय हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पुलिसकर्मियों ने ड्यूटी के दौरान न केवल वीडियो रिकॉर्ड किया, बल्कि उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया। अनुशासनहीनता मानते हुए एसपी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। इनमें चार महिला और दो पुरुष सिपाही शामिल हैं। UP News
इस कार्रवाई में जिन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है, उनमें मंजू कुमारी, मोनिका, जविता, दिलशाद और मोहित मिश्रा समेत कुल छह कर्मी शामिल हैं। एसपी सौरभ दीक्षित ने कहा कि ड्यूटी के दौरान वर्दी में रील बनाकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करना पुलिस अनुशासन का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में इस तरह के मामलों में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। एसपी ने यह भी आदेश दिया है कि हर महीने सोशल मीडिया नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजी जाए। रिपोर्ट के साथ आपत्तिजनक पोस्ट का स्क्रीनशॉट और संबंधित URL लिंक संलग्न करना अनिवार्य किया गया है, ताकि साक्ष्य सुरक्षित रह सकें। UP News
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