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अदालत ने राज्य में हथियारों के लाइसेंस के दुरुपयोग, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को लाइसेंस जारी किए जाने और सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों के प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए सरकार समेत सभी जिलों के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

UP News : उत्तर प्रदेश में शस्त्र लाइसेंसों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्ती अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। अदालत ने राज्य में हथियारों के लाइसेंस के दुरुपयोग, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को लाइसेंस जारी किए जाने और सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों के प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए सरकार समेत सभी जिलों के प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसी मामले को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा और उससे जुड़े संगठनों पर तीखा हमला बोला है। हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रभावशाली व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस की जानकारी भी तलब की है, जिनमें रघुराज प्रताप सिंह और धनंजय सिंह जैसे नाम शामिल हैं। अदालत की इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। UP News
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर की गई अपनी लंबी पोस्ट में अखिलेश यादव ने कहा कि सिर्फ लाइसेंसी हथियार ही नहीं, बल्कि “कुछ अदृश्य शस्त्र” भी देश और समाज को भीतर से नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे पर लगातार हमला कर रहे हैं। सपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में भाजपा से जुड़े लोगों के घर, दुकानों, कार्यालयों और अन्य प्रतिष्ठानों की वैधता की भी जांच कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इन निर्माणों के कागजात और नक्शों की जांच होनी चाहिए और यह भी देखा जाना चाहिए कि कहीं अवैध तरीके से संपत्तियां तो नहीं बनाई गईं। UP News
अखिलेश यादव ने अपने बयान में भाजपा और उसके सहयोगियों पर विभिन्न आयोजनों, निर्माण कार्यों और आपदाओं के नाम पर चंदा जुटाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे फंड का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए और उसका ऑडिट कराया जाना चाहिए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि कथित तौर पर “अनरजिस्टर्ड” लोग जमीनें किसके नाम से खरीदते हैं और उनके द्वारा खड़ी की गई संपत्तियां बेनामी संपत्ति की श्रेणी में क्यों नहीं आतीं। अपने पोस्ट में अखिलेश यादव ने भाजपा से जुड़े कुछ संगठनों की गतिविधियों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि ऐसे निर्माणों को कार्यालय कहा जाए या किसी और प्रकार का अड्डा। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि इन संगठनों का खर्च कौन उठाता है और इनके आर्थिक स्रोत क्या हैं। सपा प्रमुख ने विदेश यात्राओं, सामाजिक गतिविधियों और कथित तौर पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने जैसे मुद्दों को भी अपने बयान में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन समाज में तनाव पैदा करने का काम कर रहे हैं और इसके पीछे की सच्चाई सामने आनी चाहिए। UP News
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