उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 30 लाख रुपये के इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता के एनकाउंटर की पूरी कहानी सामने आई है। उत्तर प्रदेश ATS ने रविवार तड़के रामनगर क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान TSPC कमांडर बृजेश गंझू को मार गिराया।

UP News : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में यूपी एटीएस ने रविवार तड़के मुठभेड़ में झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) के कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता को मार गिराया। उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम शामिल था। इस बड़े ऑपरेशन को लेकर उत्तर प्रदेश के ADG लॉ एंड ऑर्डर तथा यूपी ATS चीफ अमिताभ यश ने चेतना मंच के संवाददाता संतोष कुमार से खास बातचीत में एनकाउंटर की पूरी कहानी और बृजेश गंझू से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की हैं। UP News
अमिताभ यश के मुताबिक, बृजेश गंझू लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। उसके खिलाफ 45 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है और इनमें दो मामलों की जांच NIA से जुड़ी बताई गई है। वह TSPC का कमांडर था और पुलिसकर्मियों की हत्या सहित कई गंभीर मामलों में वांछित था। पुलिस और जांच एजेंसियों के अनुसार, बृजेश पर नक्सली गतिविधियों, कथित टेरर फंडिंग, रंगदारी तथा पुलिस एवं सुरक्षा बलों पर हमले जैसे गंभीर आरोप थे। UP News
अमिताभ यश के अनुसार, यूपी एटीएस को बृजेश गंझू के वाराणसी क्षेत्र में आने से संबंधित विशिष्ट इनपुट मिल रहे थे। इसके बाद मिर्जापुर और सोनभद्र की सीमा से लेकर वाराणसी आने वाले संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई। 20 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे रामनगर थाना क्षेत्र में एटीएस टीम को सूचना मिली कि बृजेश अपने एक साथी के साथ बाइक से इलाके में मौजूद है। टीम ने बाइक को रोककर गिरफ्तारी का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, रुकने के बजाय बृजेश बाइक से उतरकर फायरिंग करने लगा। इसके बाद एटीएस टीम ने जवाबी कार्रवाई की। UP News
एनकाउंटर के संबंध में सामने आए पुलिस विवरण के अनुसार बृजेश ने एटीएस टीम पर गोलीबारी की। मुठभेड़ के दौरान डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं, हालांकि दोनों सुरक्षित बताए गए हैं। जवाबी फायरिंग में बृजेश गंझू घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, बृजेश के साथ बाइक पर मौजूद दूसरा व्यक्ति मौके से फरार हो गया। उसकी पहचान और भूमिका को लेकर जांच जारी है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। मुठभेड़ के बाद मौके से दो पिस्टल, एक कार्बाइन, कारतूस और नकदी बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है। UP News
बृजेश गंझू मूल रूप से झारखंड के चतरा जिले का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार उसका संबंध TSPC से था और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश कर रही थीं। उसके खिलाफ दर्ज मामलों में नक्सली गतिविधियों और हिंसक वारदातों के अलावा आर्थिक नेटवर्क से जुड़े आरोप भी शामिल बताए गए हैं। अमिताभ यश के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में नक्सली गतिविधियां समाप्त हो चुकी हैं, लेकिन कुछ स्लीपर सेल की मौजूदगी से इनकार नहीं किया जा सकता और यूपी ATS ऐसे नेटवर्क पर लगातार नजर रखे हुए है। UP News
इस पूरे ऑपरेशन को लेकर यूपी ATS चीफ और ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश का विशेष बयान इस समय खास चर्चा में है। इसमें उन्होंने बृजेश गंझू तक पहुंचने के लिए मिले इनपुट, वाराणसी में की गई घेराबंदी और मुठभेड़ के दौरान हुई कार्रवाई से जुड़ी अहम जानकारी साझा की है। चेतना मंच संवाददाता संतोष कुमार की खास बातचीत में अमिताभ यश ने एनकाउंटर से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी। UP News
वाराणसी के रामनगर क्षेत्र में हुए इस एनकाउंटर के बाद यूपी ATS ने बृजेश गंझू के फरार साथी की तलाश तेज कर दी है। साथ ही एजेंसियां यह भी जांच रही हैं कि 30 लाख रुपये का इनामी नक्सली कमांडर वाराणसी क्यों आया था और उत्तर प्रदेश में उसका कोई संपर्क या नेटवर्क था या नहीं। इन सवालों पर जांच आगे बढ़ रही है। UP News
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