उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की लंबी तलाश और एक आरोपी की कई साल तक चली फरारी की कहानी को फिर से सामने ला दिया है। एक ऐसा शख्स, जो पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान और ठिकाना बदलता रहा, आखिरकार कानून की पकड़ में आ गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की लंबी तलाश और एक आरोपी की कई साल तक चली फरारी की कहानी को फिर से सामने ला दिया है। एक ऐसा शख्स, जो पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान और ठिकाना बदलता रहा, आखिरकार कानून की पकड़ में आ गया। बताया जा रहा है कि वह एक-दो साल नहीं, बल्कि करीब 17 वर्षों से पुलिस की नजरों से दूर था। इस दौरान उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की फाइलें भी उसका पीछा करती रहीं और उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम तक घोषित कर दिया गया। लेकिन इतने लंबे समय बाद जब वह दोबारा अपने परिचितों के बीच पहुंचा, तो शायद उसे अंदाजा नहीं था कि पुलिस की नजर भी उस तक पहुंच चुकी है। इसके बाद पुलिस ने ऐसी कार्रवाई की, जिसमें उसकी वर्षों पुरानी फरारी का अंत हो गया। UP News
आजमगढ़ के तरवां थाना क्षेत्र में पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी वांछित अभियुक्त मोनू मिश्रा उर्फ बृजेश मिश्रा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2010 से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना नाम और ठिकाना बदलकर रह रहा था। आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म, मारपीट और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल पांच मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ने 27 नवंबर 2022 को 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। UP News
बुधवार को तरवां पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के साथ वांछित अभियुक्तों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को आरोपी के बारे में सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने करीब पांच बजे ग्राम डुभाव स्थित नवरसिया पुलिया के पास घेराबंदी की और मोनू मिश्रा उर्फ बृजेश मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया है। UP News
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2009 में तरवां थाना क्षेत्र में दो युवतियों को बहला-फुसलाकर भगाने के आरोप में आरोपी के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे। एक मामले में धारा 363 और 366 तथा दूसरे मामले में धारा 363, 366, 120बी और 376 के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके बाद वर्ष 2010 में आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था। UP News
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2010 से गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अपना नाम और ठिकाना बदलकर रह रहा था। काफी समय बीतने के बाद उसे लगा कि पुलिस अब उसकी तलाश नहीं कर रही होगी। इसी के बाद वह परिचितों से मिलने और पुराने मुकदमों के संबंध में बातचीत करने के लिए वापस आया था। पुलिस ने मामले में मु0अ0सं0 192/2026 के तहत धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। UP News
कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अतुल कुमार मिश्रा और कांस्टेबल कमलेश कुमार यादव शामिल रहे। UP News
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