रामनगरी में राष्ट्रपति का आगमन आज, जानिए किन रास्तों पर लागू है डायवर्जन
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या के लिए गुरुवार का दिन बेहद खास रहने वाला है। वासंतिक नवरात्र और हिंदी नववर्ष के पहले दिन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रामनगरी अयोध्या पहुंचेंगी। राष्ट्रपति का यह दौरा धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या के लिए गुरुवार का दिन बेहद खास रहने वाला है। वासंतिक नवरात्र और हिंदी नववर्ष के पहले दिन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रामनगरी अयोध्या पहुंचेंगी। राष्ट्रपति का यह दौरा धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके आगमन को देखते हुए उत्तर प्रदेश प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, वहीं ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई रूटों पर डायवर्जन लागू किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अयोध्या आगमन पूर्वाह्न करीब 11 बजे प्रस्तावित है। वह सेना के विमान से महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरेंगी। इसके बाद सड़क मार्ग से राम मंदिर परिसर पहुंचेंगी। उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने उनके दौरे को लेकर पूरी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली हैं।
राम मंदिर परिसर में विशेष पूजन कार्यक्रम में लेंगी हिस्सा
अयोध्या पहुंचने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राम मंदिर परिसर में आयोजित विशेष धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेंगी। जानकारी के अनुसार, वह श्रीराम नाम मंदिर और श्रीराम यंत्र स्थापना से जुड़े पूजन-अनुष्ठान में शामिल होंगी। उनका प्रवेश आद्य गुरु शंकराचार्य द्वार से कराया जाएगा, जहां से वह सीधे मंदिर परिसर के प्रमुख स्थलों की ओर जाएंगी। राम मंदिर परिसर में राष्ट्रपति सप्त मंडपम के मंदिरों में रामायण काल से जुड़े ऋषियों और पात्रों के दर्शन करेंगी। इस दौरान भक्ति और समर्पण की प्रतीक माता शबरी के पूजन का भी कार्यक्रम निर्धारित है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, राष्ट्रपति के आगमन के समय के अनुसार उनका मंदिर पहुंचना तय होगा, लेकिन प्राथमिकता उन्हें पहले सप्त मंडपम का दर्शन कराने की रहेगी।
रामलला के दर्शन के साथ राम परिवार की आरती भी करेंगी राष्ट्रपति
अयोध्या दौरे के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु रामलला के दर्शन करेंगी और मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित राम परिवार की आरती में भी शामिल होंगी। इसके अलावा, श्रीराम यंत्र स्थापना से जुड़े पूजन में भी उनकी भागीदारी रहेगी। इस अवसर पर वह उपस्थित श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों को संबोधित भी कर सकती हैं। इस कार्यक्रम में आध्यात्मिक जगत की प्रमुख हस्ती मां अमृतानंदमयी के भी मौजूद रहने की संभावना है। उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। राष्ट्रपति का वापसी कार्यक्रम अपराह्न करीब 3 बजे तक निर्धारित बताया जा रहा है। इससे पहले वह मंदिर परिसर में प्रसाद भी ग्रहण करेंगी।
श्रीराम यंत्र और स्वर्णांकित रजत पट्टिका की स्थापना पूरी
राम मंदिर परिसर में दूसरे तल पर स्थापित किए जाने वाले श्रीराम यंत्र और स्वर्णाक्षरों से अलंकृत श्रीराम नाम की रजत पट्टिका को सात दिवसीय अनुष्ठान के बाद निर्धारित स्थान पर स्थापित कर दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा पूजन संपन्न होने के बाद इस विशेष अनुष्ठान की पूर्णाहुति हवन के साथ की जाएगी। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में यह धार्मिक आयोजन श्रद्धा, परंपरा और वैदिक विधि-विधान का अनूठा संगम माना जा रहा है। राष्ट्रपति के अयोध्या आगमन को देखते हुए उत्तर प्रदेश में विशेषकर लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर रूट पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया है, ताकि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
इन मार्गों पर रहेगा डायवर्जन
- लखनऊ से बाराबंकी होते हुए अयोध्या की तरफ जाने वाले भारी वाहनों को भिटरिया और रामसनेही घाट से हैदरगढ़ की ओर मोड़ा जाएगा, जहां से वे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जरिए आगे बढ़ सकेंगे।
- आगरा एक्सप्रेस-वे की ओर से आने वाले वाहन जुनाबगंज, मोहनलालगंज होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से गोरखपुर की ओर भेजे जाएंगे।
- सीतापुर और शाहजहांपुर की तरफ से आने वाले भारी वाहन आईआईएम रोड, दुबग्गा, नहरिया, शहीद पथ और अहिमामऊ के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की ओर डायवर्ट किए जाएंगे।
- कानपुर की दिशा से आने वाले वाहन उन्नाव, मौरावां, मोहनलालगंज और गोसाईगंज के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उपयोग कर गोरखपुर की ओर जा सकेंगे।
- गोरखपुर रूट से लखनऊ आने वाले वाहनों को जरवल रोड, बहराइच और टिकोरा मोड़ से चहलारी घाट रोड के जरिए लखनऊ की ओर भेजा जाएगा।
- अयोध्या होकर लखनऊ जाने वाले वाहनों को भी टिकोरा मोड़ और चहलारी घाट रोड के रास्ते वैकल्पिक मार्ग से निकाला जाएगा। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या के लिए गुरुवार का दिन बेहद खास रहने वाला है। वासंतिक नवरात्र और हिंदी नववर्ष के पहले दिन भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रामनगरी अयोध्या पहुंचेंगी। राष्ट्रपति का यह दौरा धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके आगमन को देखते हुए उत्तर प्रदेश प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, वहीं ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई रूटों पर डायवर्जन लागू किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अयोध्या आगमन पूर्वाह्न करीब 11 बजे प्रस्तावित है। वह सेना के विमान से महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरेंगी। इसके बाद सड़क मार्ग से राम मंदिर परिसर पहुंचेंगी। उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने उनके दौरे को लेकर पूरी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली हैं।
राम मंदिर परिसर में विशेष पूजन कार्यक्रम में लेंगी हिस्सा
अयोध्या पहुंचने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राम मंदिर परिसर में आयोजित विशेष धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेंगी। जानकारी के अनुसार, वह श्रीराम नाम मंदिर और श्रीराम यंत्र स्थापना से जुड़े पूजन-अनुष्ठान में शामिल होंगी। उनका प्रवेश आद्य गुरु शंकराचार्य द्वार से कराया जाएगा, जहां से वह सीधे मंदिर परिसर के प्रमुख स्थलों की ओर जाएंगी। राम मंदिर परिसर में राष्ट्रपति सप्त मंडपम के मंदिरों में रामायण काल से जुड़े ऋषियों और पात्रों के दर्शन करेंगी। इस दौरान भक्ति और समर्पण की प्रतीक माता शबरी के पूजन का भी कार्यक्रम निर्धारित है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, राष्ट्रपति के आगमन के समय के अनुसार उनका मंदिर पहुंचना तय होगा, लेकिन प्राथमिकता उन्हें पहले सप्त मंडपम का दर्शन कराने की रहेगी।
रामलला के दर्शन के साथ राम परिवार की आरती भी करेंगी राष्ट्रपति
अयोध्या दौरे के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु रामलला के दर्शन करेंगी और मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित राम परिवार की आरती में भी शामिल होंगी। इसके अलावा, श्रीराम यंत्र स्थापना से जुड़े पूजन में भी उनकी भागीदारी रहेगी। इस अवसर पर वह उपस्थित श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों को संबोधित भी कर सकती हैं। इस कार्यक्रम में आध्यात्मिक जगत की प्रमुख हस्ती मां अमृतानंदमयी के भी मौजूद रहने की संभावना है। उनके साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। राष्ट्रपति का वापसी कार्यक्रम अपराह्न करीब 3 बजे तक निर्धारित बताया जा रहा है। इससे पहले वह मंदिर परिसर में प्रसाद भी ग्रहण करेंगी।
श्रीराम यंत्र और स्वर्णांकित रजत पट्टिका की स्थापना पूरी
राम मंदिर परिसर में दूसरे तल पर स्थापित किए जाने वाले श्रीराम यंत्र और स्वर्णाक्षरों से अलंकृत श्रीराम नाम की रजत पट्टिका को सात दिवसीय अनुष्ठान के बाद निर्धारित स्थान पर स्थापित कर दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा पूजन संपन्न होने के बाद इस विशेष अनुष्ठान की पूर्णाहुति हवन के साथ की जाएगी। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में यह धार्मिक आयोजन श्रद्धा, परंपरा और वैदिक विधि-विधान का अनूठा संगम माना जा रहा है। राष्ट्रपति के अयोध्या आगमन को देखते हुए उत्तर प्रदेश में विशेषकर लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर रूट पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया है, ताकि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
इन मार्गों पर रहेगा डायवर्जन
- लखनऊ से बाराबंकी होते हुए अयोध्या की तरफ जाने वाले भारी वाहनों को भिटरिया और रामसनेही घाट से हैदरगढ़ की ओर मोड़ा जाएगा, जहां से वे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जरिए आगे बढ़ सकेंगे।
- आगरा एक्सप्रेस-वे की ओर से आने वाले वाहन जुनाबगंज, मोहनलालगंज होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से गोरखपुर की ओर भेजे जाएंगे।
- सीतापुर और शाहजहांपुर की तरफ से आने वाले भारी वाहन आईआईएम रोड, दुबग्गा, नहरिया, शहीद पथ और अहिमामऊ के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की ओर डायवर्ट किए जाएंगे।
- कानपुर की दिशा से आने वाले वाहन उन्नाव, मौरावां, मोहनलालगंज और गोसाईगंज के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उपयोग कर गोरखपुर की ओर जा सकेंगे।
- गोरखपुर रूट से लखनऊ आने वाले वाहनों को जरवल रोड, बहराइच और टिकोरा मोड़ से चहलारी घाट रोड के जरिए लखनऊ की ओर भेजा जाएगा।
- अयोध्या होकर लखनऊ जाने वाले वाहनों को भी टिकोरा मोड़ और चहलारी घाट रोड के रास्ते वैकल्पिक मार्ग से निकाला जाएगा। UP News












