विज्ञापन
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश की सत्ता में काबिज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अब सरकार के बाद संगठनात्मक ढांचे में भी बड़े बदलाव की रणनीति तैयार कर ली है।

UP News : उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक सरगर्मी लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश की सत्ता में काबिज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अब सरकार के बाद संगठनात्मक ढांचे में भी बड़े बदलाव की रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी की कोशिश है कि संगठन में भी वही सोशल इंजीनियरिंग मॉडल लागू किया जाए, जिसे अब तक सरकार में सफलतापूर्वक अपनाया जाता रहा है। UP News
सूत्रों के अनुसार भाजपा की नई प्रदेश इकाई का खाका पूरी तरह जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। प्रदेश के सभी छह प्रमुख क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने की योजना है, ताकि किसी भी क्षेत्र या वर्ग की अनदेखी न हो। इसके साथ ही, जिन क्षेत्रों से सरकार में पहले से अधिक मंत्री शामिल हैं, वहां संगठन में अपेक्षाकृत कम प्रतिनिधित्व दिए जाने की संभावना है। वहीं, नई क्षेत्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति के जरिए भी जातीय और सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति पर काम हो रहा है। पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में उत्तर प्रदेश से लगभग चार से पांच प्रमुख चेहरों को शामिल किया जा सकता है, जिससे संगठन में राज्य की भागीदारी और मजबूत हो। UP News
सरकार के हालिया मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब विभागों के बंटवारे को लेकर भी बड़े बदलाव की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक भूपेंद्र सिंह चौधरी और मनोज कुमार पांडेय को अहम और प्रभावशाली विभाग मिलने की संभावना है। राज्यमंत्री से प्रमोशन पाने वाले डॉ. सोमेन्द्र तोमर और अजीत सिंह पाल को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। माना जा रहा है कि ऊर्जा विभाग से जुड़े अनुभव को देखते हुए सोमेन्द्र तोमर को ऊर्जा विभाग में ही राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। फिलहाल ऊर्जा और नगर विकास जैसे बड़े विभाग एके शर्मा के पास हैं, लेकिन आने वाले दिनों में विभागीय पुनर्वितरण की संभावना से राजनीतिक हलचल तेज है। UP News
इसी बीच भाजपा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए भी सक्रिय हो गई है। आज और कल प्रदेश स्तर पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें सभी 98 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष शामिल होंगे। इस बैठक में बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क अभियानों और संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। पार्टी का फोकस आगामी चुनावों के लिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर रहेगा। बता दें कि यह पूरी कवायद 10 मई 2026 को हुए योगी कैबिनेट विस्तार के तुरंत बाद तेज हुई है, जिसे पार्टी के अंदरूनी ढांचे और चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। UP News
विज्ञापन
विज्ञापन