उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हो रही देरी के बीच सरकार ने निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है। पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रदेश के सभी 826 ब्लॉक प्रमुखों को संबंधित क्षेत्र पंचायतों का प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में हो रही देरी के बीच सरकार ने निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है। पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रदेश के सभी 826 ब्लॉक प्रमुखों को संबंधित क्षेत्र पंचायतों का प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है। पंचायती राज विभाग ने रविवार को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए। प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नई क्षेत्र पंचायत के गठन के बाद पहली बैठक होने तक अथवा अधिकतम छह महीने की अवधि तक, जो भी पहले हो, मौजूदा ब्लॉक प्रमुख प्रशासक के रूप में कार्य करते रहेंगे। UP News
प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अभी तक नहीं हो सके हैं। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है, जबकि ओबीसी आरक्षण के निर्धारण को लेकर समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग भी विभिन्न जिलों का दौरा कर रहा है। ऐसे में नई पंचायतों के गठन में समय लगने की संभावना को देखते हुए सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है। सरकार ने प्रशासकों के अधिकारों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। ब्लॉक प्रमुख प्रशासक के रूप में केवल दैनिक और नियमित प्रशासनिक कार्य ही कर सकेंगे। किसी भी प्रकार का नीतिगत निर्णय लेने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी महत्वपूर्ण या नीतिगत प्रस्ताव पर निर्णय आवश्यक होगा, तो उसे जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। शासन की मंजूरी मिलने के बाद ही ऐसे प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। UP News
वर्ष 2021 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद क्षेत्र पंचायतों की पहली बैठक 20 जुलाई 2021 को आयोजित हुई थी। इसी आधार पर ब्लॉक प्रमुखों का पांच वर्षीय कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को पूरा हो गया। कार्यकाल समाप्त होते ही पंचायती राज विभाग ने सभी निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक नियुक्त कर दिया। UP News
ब्लॉक प्रमुखों से पहले सरकार ग्राम प्रधानों और जिला पंचायत अध्यक्षों को भी प्रशासक बना चुकी है। 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने पर उन्हें प्रशासक नियुक्त किया गया था। 10 जुलाई को जारी आदेश के जरिए 11 जुलाई को कार्यकाल पूरा होने से पहले ही सभी जिला पंचायत अध्यक्षों को भी प्रशासक की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी। अब उसी क्रम में प्रदेश के सभी ब्लॉक प्रमुखों को भी यह दायित्व दिया गया है, ताकि पंचायत व्यवस्था बिना किसी व्यवधान के संचालित होती रहे। UP News
पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों और न्यायालय में लंबित मामलों को देखते हुए माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जा सकते हैं। तब तक ग्राम प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख प्रशासक के रूप में अपने-अपने दायित्व निभाते रहेंगे। UP News
विज्ञापन