बसपा सुप्रीमो ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार पिछले वर्ष के बजट के जमीनी क्रियान्वयन का सही डेटा देकर बजट भाषण प्रस्तुत करती, तो यह परंपरा ठोस और विश्वसनीय बनती। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान बजट भी सिर्फ अखबारों की सुर्खियां बटोरने वाला लग रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किए जाने के बाद विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किए गए 9.13 लाख करोड़ रुपये के बजट को 'लोक लुभावना' और जमीनी हकीकत से दूर बताते हुए कड़ी आलोचना की है। मायावती ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर की। उन्होंने कहा कि आज पेश किया गया बजट प्रदेश के सर्वसमाज और सभी क्षेत्रों के विकास की अपेक्षा ज्यादा 'लोक लुभावना' प्रतीत होता है।
बसपा सुप्रीमो ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार पिछले वर्ष के बजट के जमीनी क्रियान्वयन का सही डेटा देकर बजट भाषण प्रस्तुत करती, तो यह परंपरा ठोस और विश्वसनीय बनती। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान बजट भी सिर्फ अखबारों की सुर्खियां बटोरने वाला लग रहा है। उन्होंने कहा, "जिससे एक बार फिर लोगों को अपने 'अच्छे दिन' की उम्मीदों पर पानी फिर गया लगता है।"
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोगों को स्थाई आमदनी वाली रोजगार व्यवस्था का इंतजार बना हुआ है, जिसके लिए सरकार को गंभीरता और सक्रियता दिखाने की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण पर उचित ध्यान देते हुए लंबित भर्तियों (बैकलॉग) की पूर्ति जितनी जल्दी हो सके उतना ही बेहतर होगा।
अपनी प्रतिक्रिया में पूर्व सीएम ने भाजपा सरकार को सलाह देते हुए कहा कि अगर वह बीएसपी की चारों सरकारों की तरह 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' के संवैधानिक दायित्व को निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास करे, तो यह देश और जनहित में उचित होगा। उन्होंने कहा कि बजट किसी वर्ग विशेष या क्षेत्र विशेष का हितकारी नहीं, बल्कि करोड़ों गरीबों और किसानों के जीवन सुधार का माध्यम बनना चाहिए। UP News