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उत्तर प्रदेश के गुर्जर समाज को सरकार से झुनझुना (बच्चों का खिलौना) मिला है। यह भी कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के गुर्जर समाज के लिए ‘‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया” वाली कहावत चरितार्थ हुई है। यह मामला उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल के विस्तार से जुड़ा हुआ है।

UP News : उत्तर प्रदेश के गुर्जर समाज को सरकार से झुनझुना (बच्चों का खिलौना) मिला है। यह भी कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के गुर्जर समाज के लिए ‘‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया” वाली कहावत चरितार्थ हुई है। यह मामला उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल के विस्तार से जुड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल के विस्तार से प्रदेश के गुर्जर समाज को बहुत बड़ी उम्मीद थी। गुर्जर समाज की उम्मीद पर उस समय पानी फिर गया जब उत्तर प्रदेश गुर्जर समाज को एक भी कैबिनेट मंत्री का पद नहीं मिला। UP News
गुर्जर समाज के नेताओं का दावा है कि उत्तर प्रदेश की 141 विधानसभा सीटों पर गुर्जर समाज के मतदाता मौजूद हैं। गुर्जर समाज के प्रमुख लोगों का स्पष्ट मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 50 से अधिक विधानसभा सीट ऐंसी हैं जिन सीटों पर गुर्जर मतदाता हार-जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुर्जर समाज के तमाम जागरूक नागरिकों का दावा है कि उत्तर प्रदेश के पिछले दो विधानसभा चुनावों में गुर्जर समाज ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनवाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। इसी कारण गुर्जर समाज को उत्तर प्रदेश की सरकार में बड़े प्रतिनिधित्व की उम्मीद थी। UP News
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में चल रही भाजपा की सरकार में गुर्जर समाज का एक भी कैबिनेट मंत्री नहीं है। मेरठ जिले की दक्षिणी मेरठ सीट से भाजपा के विधायक सोमेन्द्र तोमर सरकार में राज्यमंत्री थे। रविवार को हुए मंत्रिमंडल के विस्तार में सोमेन्द्र तोमर को राज्यमंत्री सेस स्वतंत्र प्रभार का राज्य मंत्री बना कर गुर्जर समाज को झुनझुना देने का प्रयास किया गया है। मंत्रिमंडल के विस्तार के समय तक गुर्जर समाज को पूरी उम्मीद थी कि उनके समाज से कम से कम एक नेता को कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा। मंत्रिमंडल का विस्तार होने के बाद से गुर्जर समाज के नेता यही बोल रहे हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार ने गुर्जर समाज को बहकाने के लिए स्वतंत्र प्रभार के मंत्री के नाम पर झुनझुना पकड़ा दिया है। UP News
उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल का विस्तार होने के बाद से गुर्जर समाज में आक्रोश फैल रहा है। गुर्जर समाज के नेताओं का कहना है कि भाजपा की सरकार में उनके समाज को पर्याप्त सम्मान नहीं मिल रहा है। इस कारण गुर्जर समाज को अपने समाज के मान-सम्मान के लिए कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेना पड़ेगा। UP News
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