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उत्तर प्रदेश में होने वाले इस विस्तार पर सिर्फ नेताओं ही नहीं बल्कि संगठन और कार्यकर्ताओं की भी नजर बनी हुई है। उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में आज होने वाला शपथ ग्रहण समारोह काफी चर्चा में बना हुआ है। दोपहर

उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज एक बड़ा दिन माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी सरकार का दूसरा कैबिनेट विस्तार करने जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा चल रही थी और अब उत्तर प्रदेश की राजनीति को नए चेहरे मिलने वाले हैं। उत्तर प्रदेश की सत्ता में सामाजिक और जातीय संतुलन को मजबूत करने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश में होने वाले इस विस्तार पर सिर्फ नेताओं ही नहीं बल्कि संगठन और कार्यकर्ताओं की भी नजर बनी हुई है। उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में आज होने वाला शपथ ग्रहण समारोह काफी चर्चा में बना हुआ है। दोपहर 3 बजे होने वाले इस कार्यक्रम में 6 नए मंत्री शपथ लेंगे। इनमें एक ब्राह्मण, तीन ओबीसी और दो दलित समाज के नेताओं को जगह मिलने जा रही है। राजनीतिक जानकार इसे सामाजिक समीकरण साधने की बड़ी कोशिश मान रहे हैं।
कैबिनेट विस्तार में सबसे चर्चित नाम भूपेंद्र चौधरी का है। बीजेपी संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले भूपेंद्र चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े जाट नेताओं में गिने जाते हैं। मुरादाबाद से आने वाले भूपेंद्र पहले भी पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं और संगठन में उनकी भूमिका हमेशा अहम मानी गई है। बीजेपी ने उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल करके पश्चिमी यूपी और जाट वोट बैंक को साफ संदेश देने की कोशिश की है। आने वाले चुनावों को देखते हुए यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है।
मनोज पांडे का नाम भी इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा में है। रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडे कभी समाजवादी पार्टी के बड़े ब्राह्मण चेहरों में गिने जाते थे लेकिन 2024 में उन्होंने सपा छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। मनोज पांडे पहले भी मंत्री रह चुके हैं और विधानसभा की राजनीति का लंबा अनुभव रखते हैं।
कृष्णा पासवान की कहानी सबसे अलग मानी जा रही है। फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान दलित महिला चेहरे के तौर पर जानी जाती हैं। उन्होंने राजनीति की शुरुआत बेहद साधारण स्तर से की थी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में काम करने से लेकर चार बार विधायक बनने तक का उनका सफर काफी संघर्ष भरा रहा है। हाल ही में सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांचते हुए उनका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था जिसके बाद उनकी छवि एक एक्टिव नेता के रूप में और मजबूत हुई।
हंसराज विश्वकर्मा का नाम इस विस्तार में खास माना जा रहा है। वाराणसी से आने वाले हंसराज विश्वकर्मा लंबे समय से संगठन में काम कर रहे हैं। बूथ स्तर से राजनीति शुरू करने वाले हंसराज अब मंत्री पद तक पहुंचने वाले हैं। उन्हें ओबीसी समाज के बड़े चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में उनकी पहचान मेहनती और संगठन के भरोसेमंद नेता की रही है।
कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक कैलाश राजपूत को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है। लोधी समाज से आने वाले कैलाश राजपूत को बीजेपी का मजबूत ओबीसी चेहरा माना जाता है। कन्नौज लंबे समय से समाजवादी पार्टी का प्रभाव वाला इलाका माना जाता रहा है। ऐसे में कैलाश राजपूत को मंत्री बनाकर बीजेपी वहां अपना आधार और मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
इस कैबिनेट विस्तार में सबसे युवा नाम सुरेंद्र दिलेर का है। सिर्फ 31 साल की उम्र में मंत्री पद तक पहुंचना उनके लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सुरेंद्र दिलेर अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक हैं और दलित समाज से आते हैं। राजनीति उन्हें विरासत में मिली है क्योंकि उनके परिवार का लंबे समय से क्षेत्र की राजनीति में प्रभाव रहा है। बीजेपी उन्हें युवा दलित चेहरे के तौर पर आगे बढ़ा रही है।
इस पूरे मंत्रिमंडल विस्तार को देखें तो साफ नजर आता है कि बीजेपी ने जातीय संतुलन पर काफी ध्यान दिया है। जाट, ब्राह्मण, लोधी, विश्वकर्मा और दलित समाज के नेताओं को साथ लेकर पार्टी बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सिर्फ कैबिनेट विस्तार नहीं बल्कि आने वाले चुनावों की तैयारी भी है। बीजेपी सामाजिक समीकरणों को मजबूत करके विपक्ष को चुनौती देना चाहती है।
आज का दिन सिर्फ राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा। जानकारी के मुताबिक शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकभवन में “कृष्णावतारम” फिल्म भी देखेंगे। इस दौरान राज्यपाल और कई मंत्री भी मौजूद रह सकते हैं। राजनीतिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक माहौल के मेल के कारण आज का दिन उत्तर प्रदेश की राजनीति में काफी खास माना जा रहा है।
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