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प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां पतंग उड़ाते समय एक 14 वर्षीय किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। छत पर लगे निर्माण कार्य के लिए निकले लोहे के सरिए पर गिरने से वह उसके सीने और गर्दन के आर-पार हो गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां पतंग उड़ाते समय एक 14 वर्षीय किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। छत पर लगे निर्माण कार्य के लिए निकले लोहे के सरिए पर गिरने से वह उसके सीने और गर्दन के आर-पार हो गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। UP News
घटना तिवारीपुर थाना क्षेत्र के इलाहीबाग लाल टोली इलाके की है। जानकारी के अनुसार, 14 वर्षीय हर्ष श्रीवास्तव छत पर पतंग उड़ा रहा था। खेलते-खेलते वह छत पर बने पिलर के लिए निकले सरिए के पास पहुंचा और अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। नीचे गिरते ही तेज रफ्तार से उठा सरिया उसके शरीर में आर-पार हो गया, जिससे वह बुरी तरह फंस गया और दर्द से चीखने लगा। UP News
बताया जा रहा है कि बच्चे की मां अदिति श्रीवास्तव उस समय घर के अंदर थीं। कुछ देर बाद जब उन्होंने बेटे की आवाज सुनी और छत पर पहुंचीं, तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। बच्चा गंभीर रूप से घायल अवस्था में सरिए में फंसा हुआ था, जिसके बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई। UP News
परिवार ने तुरंत स्थानीय लोगों और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने सरिए को काटने के लिए कटर मशीन मंगवाई। करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को सरिए सहित जिला अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान वह लगातार दर्द से तड़पता रहा, जिससे स्थिति और गंभीर बनी हुई थी। UP News
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तत्काल आॅपरेशन शुरू किया। लगभग 3 घंटे चले जटिल आॅपरेशन के बाद डॉक्टरों ने बच्चे के शरीर से सरिया सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया। डॉक्टरों के अनुसार, यह एक बेहद गंभीर और जोखिम भरी सर्जरी थी, जिसमें गर्दन और सीने दोनों हिस्सों को नुकसान पहुंचा था। UP News
फिलहाल बच्चे की हालत नाजुक बताई जा रही है और उसे डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी, जिसके बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। जानकारी के मुताबिक, बच्चे के पिता एक निजी क्षेत्र में काम करते हैं और परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। तीन बच्चों वाले इस परिवार के लिए यह हादसा किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। गोरखपुर की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि घरों की छतों और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपाय कितने जरूरी हैं। एक छोटी सी लापरवाही ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
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