उत्तर प्रदेश में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सीजेपी (CJP) प्रदर्शन का असर पश्चिमी यूपी तक पहुंच गया है। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे सपा सांसद हरेंद्र मलिक और उनके विधायक बेटे पंकज मलिक को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है।

Delhi News : उत्तर प्रदेश में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सीजेपी (CJP) प्रदर्शन का असर पश्चिमी यूपी तक पहुंच गया है। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे सपा सांसद हरेंद्र मलिक और उनके विधायक बेटे पंकज मलिक को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। वहीं, शामली से किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं को भी दिल्ली जाने से रोक दिया गया। मेरठ और बागपत में पुलिस की सक्रियता बढ़ने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। Delhi News
मुजफ्फरनगर से समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक और उनके विधायक बेटे पंकज मलिक दिल्ली में आयोजित होने वाले सीजेपी और विपक्षी दलों के प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान दिल्ली के जनपथ रोड पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। हरेंद्र मलिक ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए अब देश को आगे आना होगा। इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। Delhi News
शामली में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश संगठन मंत्री और पूर्व जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद समेत कई कार्यकर्ताओं को दिल्ली जाने से रोक दिया गया। उन्हें सोंटा रसूलपुर स्थित जेए नेशनल एकेडमी में रोके जाने की जानकारी सामने आई है। मास्टर जाहिद ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था बनाए रखने की बात भी कही। Delhi News
सीजेपी प्रदर्शन को देखते हुए बागपत रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने जांच अभियान चलाया और कुछ युवकों को रोककर पूछताछ की। मेरठ में प्रमुख राजमार्गों, जिले की सीमाओं और टोल प्लाजा पर वाहनों की जांच बढ़ाई गई। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस के साथ पीएसी और आरएएफ की तैनाती की जानकारी भी सामने आई है। इससे पहले पश्चिमी यूपी के कई जिलों में विपक्षी दलों और संगठनों के नेताओं को नजरबंद किए जाने की खबरें आई थीं। Delhi News
दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित सीजेपी और विपक्षी दलों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की। पश्चिमी यूपी में दिल्ली जाने वाले रास्तों, रेलवे स्टेशनों और प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई। पुलिस की कार्रवाई के बीच लोकतांत्रिक अधिकारों और विरोध-प्रदर्शन की स्वतंत्रता को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम में पश्चिमी यूपी के कई जिलों में पुलिस की सतर्कता और नेताओं को रोके जाने की कार्रवाई चर्चा में है। Delhi News
विज्ञापन