मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके का नाम बदलकर कृष्णपुरी करने की घोषणा की है। यह क्षेत्र पहले माफिया अतीक अहमद के नियंत्रण में था।

UP News : प्रयागराज का वह इलाका जो कभी माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके सहयोगियों के अवैध नियंत्रण में था, अब अपनी नई पहचान पाएगा। इस क्षेत्र का उपयोग पहले घोड़ों के अस्तबल और अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता था। अब इस पूरे क्षेत्र को एक आवासीय केंद्र में बदला जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को 'पद्मलोक अपार्टमेंट' परियोजना के शिलान्यास समारोह के दौरान कसारी-मसारी इलाके का नाम बदलकर 'कृष्णपुरी' करने की घोषणा की। यह क्षेत्र लगभग 15 बीघा या 2.5 हेक्टेयर भूमि में फैला हुआ है। प्रयागराज पश्चिम के विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह ने इस इलाके का नाम भगवान कृष्ण के नाम पर रखने के लिए मुख्यमंत्री से औपचारिक अनुरोध किया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि कसरी-मसरी नाम 'कसाईयों' से जुड़ा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब क्षेत्रों की पहचान माफिया हस्तियों के नामों से नहीं की जाएगी। उन्होंने पिछले प्रशासनों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वे आपराधिक प्रभाव के आगे झुक गए थे। मुख्यमंत्री ने अपराध और अपराधियों के प्रति अपनी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दोहराया। UP News
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के नेतृत्व में इस स्थल को गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए एक आवासीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस विकास योजना के तहत निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
यह कदम राज्य भर में हाल ही में किए गए कई नाम परिवर्तनों के बाद उठाया गया है। शाहजहाँपुर में जलालाबाद का नाम बदलकर 'परशुरामपुरी' किया गया है। इससे पहले इलाहाबाद को प्रयागराज, फैजाबाद को अयोध्या और मुगल सराय तथा झाँसी जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों के नाम बदले जा चुके हैं। UP News
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