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उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के श्रमिकों के लिए बड़े स्तर पर नई सुविधाओं की तैयारी में जुट गई है। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के कुछ प्रमुख शहरों खासतौर पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के श्रमिकों के लिए बड़े स्तर पर नई सुविधाओं की तैयारी में जुट गई है। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के कुछ प्रमुख शहरों खासतौर पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि 1 मई यानी मई दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रमिकों के हित में कई बड़े ऐलान कर सकते हैं। UP News
हाल ही में नोएडा में हुए श्रमिक आंदोलन के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित हाईपावर कमेटी लगातार श्रमिकों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा कर रही है। औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्रमिकों के लिए नई योजनाओं को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई।इस बैठक में ग्रेटर नोएडा में नया ईएसआई अस्पताल, श्रमिकों के लिए अस्थायी आवास, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य शिविर और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई। UP News
उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ग्रेटर नोएडा में नया ईएसआई अस्पताल शुरू करने की तैयारी कर रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा इसके लिए जमीन भी आवंटित की जा चुकी है। संभावना जताई जा रही है कि मई दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस परियोजना का शिलान्यास कर सकते हैं। यह अस्पताल खासतौर पर औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, क्योंकि अब उन्हें इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में बीओसीडब्ल्यू बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए विशेष शिविर लगाए जाने की तैयारी है। इन शिविरों के माध्यम से श्रमिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे, जिससे उन्हें 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकेगी। बता दें कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से श्रमिक काम करने आते हैं। इनके सामने सबसे बड़ी समस्या रहने की होती है। इसे ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों के लिए अस्थायी हॉस्टल और किफायती आवास योजना पर भी गंभीरता से विचार कर रही है। UP News
उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को भी प्राथमिकता दे रही है। योजना है कि औद्योगिक क्षेत्रों के पास स्थित बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में श्रमिकों के बच्चों का प्राथमिकता के आधार पर दाखिला कराया जाए। साथ ही इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर की जाएगी। इसके अलावा श्रम विभाग श्रमिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार भी करेगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम और औद्योगिक विकास विभागों से मिले सुझावों के आधार पर अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि चयनित योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों 1 मई को कराया जा सकता है। UP News
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