उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में विवाद के बाद पांच सदस्यीय जांच समिति गठित। बृजलाल खाबरी की अध्यक्षता वाली समिति सात दिन में रिपोर्ट सौंपेगी।

Uttar Pradesh News : लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी विवाद अब जांच के दायरे में आ गया है। लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और महिला कांग्रेस की नेत्री ममता चौधरी से जुड़े विवाद तथा उसके बाद हुई धक्का-मुक्की और जूते-चप्पल चलने की घटना को कांग्रेस नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। मामले की पड़ताल के लिए उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। कमेटी को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।
कांग्रेस के इस फैसले को प्रदेश संगठन में अनुशासन बनाए रखने और विवाद के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। Uttar Pradesh News
कांग्रेस नेतृत्व की ओर से गठित समिति में संगठन के अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया है। समिति की जिम्मेदारी पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करना है।
1. बृजलाल खाबरी — समिति अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष
2. अभिषेक दत्त — सदस्य
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के सह-प्रभारी
3. अब्दुल हन्नान — सदस्य
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं यूपी के सह-प्रभारी
4. रवि वर्मा — सदस्य
पूर्व सांसद
5. शमीना शफीक — सदस्य
महिला कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री
विवाद की शुरुआत रविवार को लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हुई। यहां नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के पदभार ग्रहण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को नए प्रदेश अध्यक्ष को कार्यभार सौंपना था।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान अजय राय और महिला कांग्रेस की नेत्री एवं पार्षद ममता चौधरी के बीच कहासुनी हुई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ने पर धक्का-मुक्की और जूते-चप्पल चलने की घटना सामने आई, जिससे पार्टी मुख्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद कांग्रेस के भीतर इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच इस तरह का टकराव कैसे हुआ और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। Uttar Pradesh News
विवाद के बाद ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने मामले को दलित महिलाओं के सम्मान से जुड़ा बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से शिकायत करने की बात भी कही।
दूसरी ओर, घटनाक्रम के दौरान अजय राय और उनके समर्थकों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि, विवाद के दौरान किसने क्या कहा और मारपीट की शुरुआत किस ओर से हुई, इसका अंतिम निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल दोनों पक्षों से जुड़े आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। Uttar Pradesh News
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने जांच समिति गठित करते हुए स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, समिति मंगलवार से जांच की प्रक्रिया शुरू करने वाली है और उसे एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट नेतृत्व को सौंपनी है।
जांच में विवाद की शुरुआत, संबंधित नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका तथा पार्टी मुख्यालय में हुई मारपीट के घटनाक्रम जैसे पहलुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। समिति किन लोगों के बयान दर्ज करती है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर क्या निष्कर्ष निकालती है, इस पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।
इस पूरे मामले में जांच समिति के गठन को लेकर भी पार्टी के भीतर चर्चा है। मीडिया रिपोर्टों में सवाल उठाए गए हैं कि मामले को मौजूदा अनुशासन समिति के बजाय एक अलग समिति को क्यों सौंपा गया। समिति की संरचना और नेतृत्व के बीच संबंधों को लेकर भी चर्चाएं सामने आई हैं। हालांकि, इन चर्चाओं को किसी पक्ष के दोषी होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। Uttar Pradesh News
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस संगठन वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक और सांगठनिक गतिविधियों को गति देने में जुटा है। ऐसे समय में प्रदेश मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच सार्वजनिक टकराव पार्टी के सामने अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता की चुनौती खड़ी करता है।
नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी भी है। ऐसे में जांच समिति की रिपोर्ट केवल एक विवाद की जिम्मेदारी तय करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उससे पार्टी के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई की दिशा भी स्पष्ट हो सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच समिति अपनी रिपोर्ट में किसकी भूमिका को जिम्मेदार मानती है और कांग्रेस नेतृत्व किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करता है। इसका जवाब समिति की जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मिलेगा। Uttar Pradesh News
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