उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब प्रदेश के प्रसिद्ध दलित नेता तथा आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की कथित साजिश को लेकर सनसनीखेज दावा किया है ।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार को उस समय हलचल पैदा हो गई, जब उत्तर प्रदेश के एक दलित नेता ने अपनी हत्या की साजिश करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उत्तर प्रदेश के इस प्रसिद्ध दलित नेता ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि एक फार्म हाउस में उसकी हत्या की साजिश रची गई थी। दलित नेता के इस बड़े आरोप के बाद हड़कंप मच गया है। उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध दलित नेता तथा आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का गंभीर दावा किया। चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्हें अपने कुछ साथियों के माध्यम से जानकारी मिली है कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की योजना बनाई गई थी। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में उनके पास पुख्ता सूचनाएं और स्रोत हैं। चंद्रशेखर आजाद के इस वीडियो के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक हत्या की साजिश के उनके दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। आजाद ने स्वयं सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। UP News
उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध दलित नेता तथा आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने जारी वीडियो में कहा है कि मेरे पास पुख्ता जानकारी है कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या का षड्यंत्र रचा गया। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आजाद ने कहा कि उनके पास मौजूद सूचना और स्रोत गलत नहीं हैं। इस बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर जिस फार्म हाउस का जिक्र चंद्रशेखर आजाद कर रहे हैं, वह कहां है, इस कथित साजिश में कौन लोग शामिल बताए जा रहे हैं और उनके पास इसके संबंध में कौन-कौन से साक्ष्य या सूचनाएं हैं। फिलहाल उनके सार्वजनिक बयान में किसी व्यक्ति का नाम स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है। UP News
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले दिनों वह गोंडा में कारोबारी विनोद साहनी हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। इस दौरान बाराबंकी में पुलिस ने उनके काफिले को रोका था। इस दौरान पुलिस और चंद्रशेखर आजाद के समर्थकों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। बाद में उनके काफिले पर पथराव के आरोप भी सामने आए। आजाद ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी। इसी घटनाक्रम के बीच अब उनकी हत्या की कथित साजिश का दावा सामने आने से मामला और चर्चा में आ गया है। UP News
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपने वीडियो संदेश में केवल अपनी सुरक्षा का मुद्दा नहीं उठाया, बल्कि उत्तर प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर एक निर्वाचित सांसद की सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं सामने आती हैं तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की है। UP News
चंद्रशेखर आजाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख दलित राजनीतिक चेहरे के रूप में सक्रिय हैं। नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद होने के साथ-साथ वह आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उनकी राजनीति लंबे समय से दलित अधिकार, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों के इर्द-गिर्द केंद्रित रही है। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर सामने आया यह दावा केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभावों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। अब सरकार और पुलिस के रुख पर नजर चंद्रशेखर आजाद ने जिस कथित हत्या की साजिश का आरोप लगाया है, उसकी वास्तविकता सामने लाने के लिए जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों में इस कथित साजिश के संबंध में किसी आरोपी की पहचान या पुलिस द्वारा इसकी पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन चंद्रशेखर आजाद के आरोपों पर क्या कदम उठाते हैं और क्या इस मामले की औपचारिक जांच शुरू होती है। चंद्रशेखर आजाद का वीडियो सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में बयानबाजी और प्रतिक्रिया बढ़ने की संभावना है। UP News
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