रबी की बोआई का समय शुरू होते ही जिले में खाद की किल्लत से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नियमित वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर सहकारी समितियों के सचिवों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से जिले की 39 पैक्स समितियों पर ताले लटक गए हैं।

सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से डीएपी का वितरण प्रभावित, कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर किसानों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
UP News : रबी की बोआई का समय शुरू होते ही जिले में खाद की किल्लत से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नियमित वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर सहकारी समितियों के सचिवों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से जिले की 39 पैक्स समितियों पर ताले लटक गए हैं। इससे समितियों के माध्यम से खाद का वितरण प्रभावित हो रहा है। DAP के लिए परेशान किसानों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और खाद उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों का आरोप है कि पहाड़ी उत्तरी साधन सहकारी समिति में बुधवार सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक खाद मिलने की उम्मीद में कतार में खड़े रहे, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिली। समिति के सचिव ने हड़ताल शुरू होने का हवाला देते हुए खाद वितरण नहीं होने की बात कही। इससे किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा ।L किसान शिवचरण, पुरुषोत्तम सिंह और राजकुमार ने आरोप लगाया कि बाद में समिति के बगल से कुछ लोगों को अधिक कीमत पर खाद वितरित की गई। किसान सुनील ने बताया कि खेत की एक बार सिंचाई हो चुकी है और अब बोआई का समय है। समय पर खाद नहीं मिली तो एक-दो दिन में दोबारा सिंचाई करनी पड़ सकती है। इससे खेती की लागत बढ़ने के साथ बोआई में भी देरी होने की आशंका है। प्रदर्शन के दौरान अरविंद, शिवबोधन, विद्याभूषण और सुनील समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
सहकारी समितियों के सचिव नियमित वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जिले के 15 से अधिक सचिव लखनऊ में धरने में शामिल होने गए हैं, जबकि अन्य सचिव भी हड़ताल पर हैं। समितियों पर ताले लटकने से किसानों कोl डीएपी के लिए दूसरे वितरण केंद्रों और निजी दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। वर्तमान में गेहूं, मटर, आलू और सरसों की बोआई का समय है। ऐसे में खाद की उपलब्धता किसानों के लिए बेहद जरूरी है। समय पर डीएपी नहीं मिलने से फसलों की बोआई प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है। UP News
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारी समितियां के मुताबिक, सचिवों की हड़ताल के बावजूद जिले में DCF के नौ, PCF के चार और इफको के एक केंद्र से खाद का वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा जिले की 125 निजी दुकानों पर भी खाद उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि शासन ने छह महीने के लिए हड़ताल पर रोक लगा रखी है। फिलहाल इस संबंध में शासन से कोई नया निर्देश नहीं आया है। UP News
जिला कृषि अधिकारी आरके वर्मा के मुताबिक, जिले में वर्तमान में 4840 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 570 मीट्रिक टन DAP की नई रैक भी पहुंच गई है। निजी दुकानों पर करीब 2395 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। UP News
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