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उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्री विभाग से जुड़े हुए डीड राइटर्स, वकीलों तथा स्टाम्प वेंडरों की हड़ताल लगातार जारी है। नोएडा से लेकर लखनऊ तक उत्तर प्रदेश के 10 लाख से अधिक डीड राइटर्स, वकील, स्टांप वेंडर्स तथा उनसे जुड़े हुए कर्मचारी पिछले 13 दिनों से लगातार हड़ताल पर हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्री विभाग से जुड़े हुए डीड राइटर्स, वकीलों तथा स्टाम्प वेंडरों की हड़ताल लगातार जारी है। नोएडा से लेकर लखनऊ तक उत्तर प्रदेश के 10 लाख से अधिक डीड राइटर्स, वकील, स्टांप वेंडर्स तथा उनसे जुड़े हुए कर्मचारी पिछले 13 दिनों से लगातार हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल के कारण उत्तर प्रदेश में प्रापर्टी की रजिस्ट्री का काम पूरी तरह से ठप्प हो गया है। रजिस्ट्री ना हो पाने के कारण आम जनता परेशान है। आम जनता के साथ ही उत्तर प्रदेश की सरकार को हड़ताल के कारण राजस्व का मोटा घाटा हो रहा है। UP News
उत्तर प्रदेश में ई-पंजीयन व्यवस्था के विरोध में हड़ताल लगातार चल रही है। इस दौरान उत्तर प्रदेश के हड़ताली डीड राइटर्स ने बड़ा दावा कर दिया है। डीड राइटर्स का दावा है कि उनकी हड़ताल तब तक चलेगी जब तक उत्तर प्रदेश की सरकार ई-पंजीयन करके रजिस्ट्री के निजी कारण के अपने फैसले को वापस नहीं ले लेती है। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले नोएडा के रजिस्ट्री विभाग में काम करने वाले सचिन कुमार एडवोकेट ने बताया कि प्रदेश के सभी डीड राइटर्स, वकील, स्टाम्प वेंडर्स तथा उनके कर्मचारी मिलाकर 10 लाख लोग हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के कारण इन 10 लाख परिवारों के ऊपर रोजी रोटी का खतरा मंडरा रहा है। सचिन कुमार एडवोकेट ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार छोटे-छोटे संशोधन का बहकावा करके हड़ताल को तोडऩे का प्रयास कर रही है। UP News
पिछले 13 दिनों से लगातार हड़ताल कर रहे उत्तर प्रदेश के डीड राइटर्स तथा वकील ई-पंजीयन के फैसले को काला कानून बता रहे हैं। नोएडा में हड़ताल कर रहे डीड राइटर्स तथा वकीलों की संस्था बार एसोसिएशन (एडवोकेट एवं डीड राइटर्स) ने कहा है कि यह काला कानून वापस होने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीन डेढ़ा ने कहा कि हमारा संगठन सरकार के किसी प्रकार के बहकावे अथवा दबाव में आने वाला नहीं है। श्री डेढ़ा ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में वें अपने आंदोलन के साथ आम जनता तथा सामाजिक संगठनों को भी जोडऩे पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हड़ताल के दौरान मशॉल जुलूस, कैंडिल मार्च तथा दूसरे प्रकार के अभियान भी चलाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश की सरकार 10 लाख लोगों की रोजी रोटी छीनने के मुद्दे को बहुत हल्के में ले रही है। उत्तर प्रदेश सरकार को यह गलती बहुत ही भारी पडऩे वाली है। UP News
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