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उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) से जुड़े नियमों में बड़ा अपडेट किया गया है, जिससे लाखों वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। नए प्रावधानों के तहत अब लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद भी निर्धारित अवधि तक उसे वैध माना जाएगा और रिन्यूअल के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

UP News : उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) से जुड़े नियमों में बड़ा अपडेट किया गया है, जिससे लाखों वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। नए प्रावधानों के तहत अब लाइसेंस की वैधता खत्म होने के बाद भी निर्धारित अवधि तक उसे वैध माना जाएगा और रिन्यूअल के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परिवहन विभाग के अनुसार, यह नई व्यवस्था जुलाई 2026 से लागू की जाएगी। UP News
नए नियमों के तहत यदि किसी व्यक्ति के ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता समाप्त हो जाती है, तो उसे तुरंत अमान्य नहीं माना जाएगा। लाइसेंस की समाप्ति के बाद 30 दिनों तक ग्रेस पीरियड दिया जाएगा। इस अवधि के दौरान वाहन चलाने पर वही कानूनी प्रावधान लागू होंगे, जो वैध लाइसेंसधारक के लिए होते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी का DL एक तारीख को एक्सपायर होता है, तो वह 30 दिन के भीतर यानी अगले महीने तक उसका रिन्यूअल करा सकता है। UP News
अब तक नियम यह था कि यदि लाइसेंस समय सीमा के भीतर रिन्यू किया जाता था, तो उसकी वैधता पुरानी तारीख से जोड़ दी जाती थी। लेकिन नई व्यवस्था में बदलाव करते हुए अब लाइसेंस की वैधता रिन्यूअल की वास्तविक तारीख से ही शुरू होगी। यानी जिस दिन आवेदन पूरा होगा, उसी दिन से नई वैधता मानी जाएगी। परिवहन विभाग के अनुसार, सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नया या रिन्यू किया गया ड्राइविंग लाइसेंस 7 से 10 दिनों के भीतर आवेदक के पते पर भेज दिया जाएगा। यदि किसी कारणवश लाइसेंस समय पर नहीं पहुंचता है, तो आवेदक संबंधित परिवहन कार्यालय में संपर्क कर सकता है और दस्तावेज प्राप्त कर सकता है। UP News
ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता को अब उम्र और सुरक्षा मानकों के आधार पर अधिक व्यवस्थित तरीके से तय किया जाता है। नियमों के अनुसार, पहली बार जारी किया गया लाइसेंस आमतौर पर 40 वर्ष की आयु तक मान्य रहता है। इसके बाद हर पांच साल पर इसका नवीनीकरण कराना अनिवार्य होता है, ताकि चालक की क्षमता और सड़क सुरक्षा मानकों की नियमित जांच हो सके।उदाहरण के तौर पर, यदि किसी व्यक्ति ने 22 वर्ष की उम्र में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया है, तो वह 40 वर्ष की आयु तक वैध माना जाएगा। इसके बाद हर पांच साल के अंतराल पर रिन्यूअल की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके अलावा, नए लाइसेंस जारी करने या नवीनीकरण के लिए अब ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर परीक्षण देना अनिवार्य कर दिया गया है। यह व्यवस्था इसलिए लागू की गई है ताकि वास्तविक ड्राइविंग कौशल की पुष्टि हो सके और केवल औपचारिकता के आधार पर लाइसेंस जारी न हो। निर्धारित शुल्क और सभी प्रक्रियाओं का पालन करना भी अनिवार्य रहेगा, जिससे पूरी प्रणाली अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बन सके। UP News
आंकड़े यह साफ दिखाते हैं कि ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यूअल की प्रक्रिया लगातार सक्रिय और बड़े पैमाने पर चल रही है। कानपुर आरटीओ में हर दिन औसतन 52 से 55 लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाता है, जो यह दर्शाता है कि लोग समय पर अपनी वैधता अपडेट कराने में रुचि दिखा रहे हैं। महीने भर में यह संख्या बढ़कर लगभग 1290 से 1300 तक पहुंच जाती है, जबकि सालाना आधार पर करीब 15,500 लाइसेंस रिन्यू किए जाते हैं। पूरे मंडल की बात करें तो यह आंकड़ा लगभग 69,000 तक पहुंच जाता है, जो परिवहन व्यवस्था में लाइसेंसिंग सिस्टम की व्यापकता और लगातार बढ़ते दायरे को दर्शाता है। UP News
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