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उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में दोहरी नागरिकता और फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का कथित मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में दोहरी नागरिकता और फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का कथित मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला प्रशासन की जांच में ऐसे 27 लोगों की पहचान हुई है, जिन पर नेपाल की नागरिकता बरकरार रखते हुए भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेज बनवाने और उनका इस्तेमाल करने का आरोप है। जांच रिपोर्ट के आधार पर सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू कर दी गई है। UP News
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प्रशासनिक जांच के दौरान सामने आया कि नेपाल के दांग जिले के कोयलाबास क्षेत्र के कई लोगों ने बलरामपुर जिले के जरवा कोतवाली क्षेत्र स्थित बालापुर-अनवरडीह तथा तुलसीपुर क्षेत्र की शीतलापुर रिजवान गली के पते का उपयोग कर भारतीय आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार कराए। आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ भी लिया गया। जांच उपनिरीक्षक शंभू सिंह ने जिलाधिकारी के निर्देश पर की थी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। UP News
पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि सूची में शामिल अब्दुल रहमान पुत्र कल्लू संबंधित पते पर नहीं मिला, जबकि अब्दुल अजीज सिद्दीकी का पहले ही निधन हो चुका है। हालांकि, उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर शेष आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एफआईआर में अब्दुल कादिर सिद्दीकी, सलीम सिद्दीकी, अब्दुल अलीम सिद्दीकी, मोहम्मद अनीस सिद्दीकी, खतीजा खातून, अब्दुल वहीद सिद्दीकी, अब्दुल करीम सिद्दीकी, समीउल्लाह, अब्दुल रहमान सिद्दीकी, निसार अहमद, फातिमा सिद्दीकी, अब्दुल रहीम, जकरुन्निशा, जाहिर खातून, सनाउल्ला, हलीमा खातून, रेशमा, कमाल अहमद, सोनू, जमीला, शाहिद अख्तर, सनाउल्ला सिद्दीकी, निशरत नूर सबा, यासिर अराफात और ओसामा सहित कुल 27 लोगों को नामजद किया गया है। UP News
थानाध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना उपनिरीक्षक महेंद्रनाथ सिंह यादव को सौंपी गई है। जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर भारत-नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों में विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया था। इसी अभियान के दौरान दोहरी नागरिकता और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामले सामने आए, जिसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद सीमा सुरक्षा व्यवस्था भी और सख्त कर दी गई है। सिद्धार्थनगर जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सिविल पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। मुख्य चेक पोस्ट ककरहवा सहित सभी प्रमुख और वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों तथा यात्रियों की गहन जांच की जा रही है। मोहाना थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने बताया कि सीमा पार आने-जाने वाले प्रत्येक वाहन और व्यक्ति की बारीकी से जांच की जा रही है। UP News
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