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यहां पांच वर्ष पूर्व निधन हो चुकी दो शिक्षिकाओं के नाम पदोन्नति सूची में शामिल कर उन्हें बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और समकक्ष पदों पर प्रोन्नति दे दी गई। यह पूरा मामला विभागीय प्रोन्नति प्रक्रिया के दौरान सामने आया।

UP News : उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने विभागीय कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां पांच वर्ष पूर्व निधन हो चुकी दो शिक्षिकाओं के नाम पदोन्नति सूची में शामिल कर उन्हें बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और समकक्ष पदों पर प्रोन्नति दे दी गई। यह पूरा मामला विभागीय प्रोन्नति प्रक्रिया के दौरान सामने आया। बताया जा रहा है कि शिक्षा निदेशालय द्वारा भेजी गई सूची के आधार पर 16 और 17 अप्रैल को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सभी पदोन्नतियों को मंजूरी प्रदान कर दी गई। इसके बाद 26 मई को निरीक्षण शाखा, महिला अध्यापन शाखा और पुरुष शाखा से जुड़े कुल 490 से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति के आदेश जारी किए गए, जिसमें उन्हें बीएसए, डायट में वरिष्ठ प्रवक्ता, राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और अन्य समकक्ष पदों पर पदोन्नत किया गया। UP News
महिला शाखा की वरिष्ठता सूची में दर्ज विवरण ने इस पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है। सूची में क्रमांक 19 पर दर्ज शिक्षिका सुनील लता और क्रमांक 47 पर दर्ज सुमन कुमारी का नाम पदोन्नति के लिए शामिल पाया गया, जबकि दोनों का निधन वर्ष 2021 में ही हो चुका था। रिकॉर्ड के अनुसार, सुनील लता ने 11 जनवरी 1997 को राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में सेवा शुरू की थी और उनका निधन 29 अप्रैल 2021 को हो गया था। उनके परिवार में उनके पति ब्रजेश चंद्र लाल, जो अयोध्या की पीडब्ल्यूडी कॉलोनी सिविल लाइंस में रहते हैं, वर्तमान में पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। वहीं दूसरी शिक्षिका सुमन कुमारी, जो राजकीय हाईस्कूल अंधेरा, हरदोई में प्रधानाध्यापिका थीं, उनका निधन 27 मार्च 2021 को सेवाकाल के दौरान हो गया था। बाद में उनके परिजनों को मृतक आश्रित कोटे के तहत नियुक्ति भी प्रदान की जा चुकी है। इन दोनों दिवंगत शिक्षिकाओं के नाम पदोन्नति सूची में शामिल होने से पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं, खासकर तब जब यह सूची लोक सेवा आयोग की डीपीसी बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अनुमोदित की गई थी। मामले को गंभीर मानते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और दोषियों की जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। UP News
पदोन्नति सूची जारी होने के दो सप्ताह बाद भी शिक्षकों और अधिकारियों की तैनाती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था की गति पर सवाल उठने लगे हैं। 26 मई को जारी सूची के बाद से अब तक चयनित अधिकारियों को उनके नए पदों पर कार्यभार नहीं सौंपा जा सका है। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह ‘ख’ के तहत पदोन्नत कई अधिकारी निकट भविष्य में सेवानिवृत्ति की स्थिति में हैं, जिसके चलते वे जल्द से जल्द तैनाती की मांग कर रहे हैं। इसी बीच शासन स्तर पर प्रक्रिया को तेज करने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं। इस संबंध में संयुक्त सचिव (शासन) वेद प्रकाश राय ने एससीईआरटी लखनऊ के निदेशक को पत्र भेजकर खंड शिक्षा अधिकारियों की पदोन्नति के बाद तैनाती को लेकर विस्तृत प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि बीईओ को वरिष्ठ प्रवक्ता डायट के पद पर तैनाती उनके गृह जनपद या पदोन्नति वाले जिले में नहीं की जाएगी, ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे। UP News
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