UP News: अंडा उत्पादकों और दुकानदारों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे हर अंडे पर उसकी एक्सपायरी डेट और पैकिंग की तारीख लगाएं। यह पहल उत्तर प्रदेश के ग्राहकों को ताजा और सुरक्षित अंडे उपलब्ध कराने के लिए की जा रही है।

उत्तर प्रदेश में उपभोक्ता सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश में अब अगले महीने यानी 1 अप्रैल से अंडा उत्पादकों और दुकानदारों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे हर अंडे पर उसकी एक्सपायरी डेट और पैकिंग की तारीख लगाएं। यह पहल उत्तर प्रदेश के ग्राहकों को ताजा और सुरक्षित अंडे उपलब्ध कराने के लिए की जा रही है। उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए यह कदम खास महत्व रखता है क्योंकि पहले अक्सर नियमों का सही पालन नहीं किया जाता था।
उत्तर प्रदेश के पशुपालन और डेयरी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, मुकेश मेश्राम ने बताया कि उपभोक्ता अक्सर यह नहीं जानते थे कि अंडे कब पैक किए गए हैं और कब खराब हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश में कई जगह पर अंडों की बिक्री बिना किसी लेबलिंग के होती थी जिससे उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंच सकता था। अब अंडों पर एक्सपायरी डेट लगाने से ग्राहक खुद चेक कर सकेंगे कि अंडा सुरक्षित है या नहीं और पुराने स्टॉक से बच सकेंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ कर दिया है कि जो व्यापारी या किसान इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उनके अंडों को नष्ट किया जाएगा या उन पर “मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त” का लेबल लगाया जाएगा। उत्तर प्रदेश में पशुपालन विभाग इस नियम को सख्ती से लागू करने जा रहा है ताकि हर अंडा सुरक्षित हो और ग्राहकों को सही जानकारी मिल सके।
उत्तर प्रदेश के विशेषज्ञ बताते हैं कि अंडों को सामान्य तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पर रखने पर वे दो हफ्ते तक सुरक्षित रहते हैं। वहीं, अगर अंडों को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच स्टोर किया जाए तो उनकी शेल्फ लाइफ 5 हफ्ते तक बढ़ जाती है। उत्तर प्रदेश में कई छोटे दुकानदार अंडों को ठंडे स्टोरेज में नहीं रखते जिससे अंडे जल्दी खराब हो जाते हैं। अब लेबलिंग से उपभोक्ता ताजगी को पहचान सकेंगे।
उत्तर प्रदेश में सही कोल्ड स्टोरेज की कमी एक चुनौती है। खाद्य सुरक्षा के नियमों के मुताबिक अंडों को सब्जियों के साथ नहीं रखना चाहिए। उत्तर प्रदेश में फिलहाल केवल आगरा और झांसी में ही ऐसी स्टोरेज सुविधाएं मौजूद हैं। ऐसे में छोटे उत्पादक और दुकानदार नए नियमों को लागू करने में कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को फ्रेश अंडे का सही उपयोग और सुरक्षित खाने के तरीके के बारे में जानकारी देना है। मुकेश मेश्राम ने कहा कि पहले कई मामलों में नियमों का पालन नहीं हो रहा था और उपभोक्ता भी इस बारे में अनजान थे। अब उत्तर प्रदेश में यह कदम उपभोक्ता सुरक्षा और खाद्य पारदर्शिता को मजबूत करेगा।
उत्तर प्रदेश के पशुपालन विभाग ने सभी अंडा उत्पादकों और दुकानदारों को पहले से तैयारी करने की सलाह दी है। अब उन्हें अपने स्टॉक पर लेबल लगाने की व्यवस्था करनी होगी और नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। उत्तर प्रदेश में यह पहल सिर्फ आदेश नहीं बल्कि उपभोक्ता सुरक्षा और खाद्य पारदर्शिता की मजबूत कड़ी है।