अनोखा मंदिर जिसमें चढ़ाए जाते रहे अंग्रेजों के सिर

उत्तर प्रदेश को भगवान की भूमि कहा जाता है। भगवान श्रीराम तथा भगवान श्रीकृष्ण का जन्म उत्तर प्रदेश की धरती पर ही हुआ था। उत्तर प्रदेश में हजारों की संख्या में मंदिर स्थापित हैं। उत्तर प्रदेश में स्थापित हर छोटे-बड़े मंदिर का अपना एक इतिहास है।

माँ तरकुलहा देवी
माँ तरकुलहा देवी
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Mar 2026 02:22 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश को भगवान की भूमि कहा जाता है। भगवान श्रीराम तथा भगवान श्रीकृष्ण का जन्म उत्तर प्रदेश की धरती पर ही हुआ था। उत्तर प्रदेश में हजारों की संख्या में मंदिर स्थापित हैं। उत्तर प्रदेश में स्थापित हर छोटे-बड़े मंदिर का अपना एक इतिहास है। उत्तर प्रदेश में इन्हीं मंदिरों के बीच में स्थापित एक मंदिर ऐसा भी है जहां पर स्वतंत्रता के आंदोलन के दौरान अंग्रेज अधिकारियों तथा अंग्रेज सिपाहियों के सिर चढ़ावे के रूप में चढ़ाए जाते थे।

उत्तर प्रदेश में स्थापित है माँ तरकुलहा देवी का अनोखा मंदिर

उत्तर प्रदेश में देवी मंदिरों की भरमार है। इन्हीं देवी मंदिरों में माँ तरकुलहा देवी (Maa Tarkulha Devi) का मंदिर भी शामिल है। माँ तरकुलहा देवी का मंदिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थापित है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर स्थापित माँ तरकुलहा देवी के मंदिर में जो भी कामना करके पूजा-अर्चना की जाती है वह पूजा-अर्चना स्वीकार करके माँ तरकुलहा देवी अपने भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूरी करती हैं। भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई के दौरान माँ के भक्त स्वतंत्रता सेनानी अंग्रेजों के सिर काटकर माँ तरकुलहा देवी के चरणों में चढ़ावे के रूप में चढ़ाते थे।

महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू बंधु सिंह से जुड़ा है माँ तरकुलहा देवी के मंदिर का इतिहास

माँ तरकुलहा देवी के मंदिर के इतिहास की बात करें तो इस मंदिर का इतिहास महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू बंधु सिंह के साथ जुड़ा हुआ है। माँ के भक्त बताते हैं कि मंदिर की कहानी चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के डुमरी रियासत के बाबू बंधू सिंह से जुड़ी है। बाबू बंधु सिंह महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। बाबू बंधु सिंह ने अंग्रेजों से बचने के लिए जंगल में छिपकर तरकुल के पेड़ के नीचे एक पिंडी स्थापित की थी। यहीं से उन्होंने अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाया। उन्होंने कई अंग्रेज अफसरों को हराया। उनके बलिदान के दौरान तरकुल का पेड़ टूट गया, जिससे खून बहने लगा। तभी से इस पिंडी को तरकुलहा देवी के नाम से जाना जाने लगा। कहा जाता है कि बंधु सिंह को जब फांसी दी जा रही थी तब 7 बार फांसी का फंदा टूटा था। अंतत: बंधु सिंह ने देवी माँ से प्रार्थना की और कहा कि हे माँ मुझे अपने चरणों में बुला ले। तब उन्होंने खुद ही अपने गले में फंदा डाला और वीरगति को प्राप्त हुए। ये स्थल आज भी श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। UP News


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होर्मुज संकट का बड़ा असर : भारत में अब 14 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर में मिलेगा 10 किलो गैस

पश्चिराम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर स्ट्रेट आफ होर्मुज पर हालात बिगड़ने के बाद भारत में एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता गहराती जा रही है। ईन और अमेरिका के बीच टकराव ने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ रहा है।

gas lpg
एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता गहराती जा रही
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar23 Mar 2026 02:02 PM
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LPG Gas Crisis : पश्चिराम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर स्ट्रेट आफ होर्मुज पर हालात बिगड़ने के बाद भारत में एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता गहराती जा रही है। ईन और अमेरिका के बीच टकराव ने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ रहा है। इसी पृष्ठभूमि में भारत सरकार ने एलपीजी वितरण और उपयोग से जुड़े कई अहम नियमों में बदलाव किया है।

कमर्शियल एलपीजी का कोटा बढ़ाकर 50%

गैस संकट के बीच सरकार ने 23 मार्च से कमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाने का फैसला लिया है। पहले जहां राज्यों को लगभग 30% आपूर्ति मिल रही थी, अब इसे बढ़ाकर 50% कर दिया गया है। इस फैसले से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, औद्योगिक इकाइयों और सामुदायिक किचन को राहत मिलने की उम्मीद है, जो हाल के दिनों में गैस की कमी से प्रभावित हो रहे थे। इसके साथ ही प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर की रिफिलिंग सुविधा शुरू की गई है, जिससे सीमित संसाधनों के बीच ज्यादा लोगों तक गैस पहुंचाई जा सके।

घरेलू सिलेंडर में गैस मात्रा घटाने की योजना

संकट से निपटने के लिए तेल कंपनियां एक और बड़े बदलाव पर विचार कर रही हैं। योजना के तहत 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर में केवल 10 किलो गैस भरकर सप्लाई की जा सकती है। इसका उद्देश्य यह है कि उपलब्ध सीमित स्टॉक को ज्यादा घरों तक पहुंचाया जा सके। अगर यह योजना लागू होती है, तो सिलेंडर की कीमत भी उसी हिसाब से कम की जाएगी और प्रति किलो के आधार पर नए रेट तय होंगे। सिलेंडर पर विशेष स्टिकर लगाकर गैस की वास्तविक मात्रा की जानकारी दी जाएगी।

नियमों में सख्ती, डिलीवरी सिस्टम में बदलाव

एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कुछ सख्त कदम भी उठाए हैं। एसेंसियल कमोडिटीज एक्ट के तहत नियंत्रण बढ़ा दिया गया है, जिससे जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। अब सिलेंडर की डिलीवरी बिना ओटीपी के नहीं होगी, ताकि फर्जी बुकिंग और गलत वितरण को रोका जा सके। वहीं रिफिलिंग की समयसीमा भी बढ़ा दी गई है। शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन का अंतराल तय किया गया है।

आयात पर निर्भरता से बढ़ी चुनौती

भारत अपनी एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। कुल खपत का लगभग 60% विदेशों से आता है, जिसमें से ज्यादातर सप्लाई खाड़ी देशों पर निर्भर रहती है। ऐसे में होर्मुज मार्ग पर किसी भी तरह की बाधा भारत के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। हालांकि, हाल के दिनों में कुछ जहाज एलपीजी लेकर भारत पहुंचे हैं और वैकल्पिक सप्लाई लाइन पर काम किया जा रहा है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।

आगे क्या हो सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव जल्दी कम नहीं हुआ, तो गैस संकट लंबा खिंच सकता है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता यही है कि घरेलू किचन तक गैस की सप्लाई बनी रहे और जरूरी सेक्टर को न्यूनतम स्तर पर संचालन के लिए पर्याप्त ईंधन मिलता रहे। कुल मिलाकर, मौजूदा हालात में एलपीजी को लेकर किए गए ये बदलाव अस्थायी राहत देने के साथ-साथ लंबी रणनीति का हिस्सा भी माने जा रहे हैं।


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उत्तर प्रदेश में बनेगा पहला AI विश्वविद्यालय, 25 हजार करोड़ का होगा निवेश

लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार और Puch AI के बीच 25,000 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ा समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किया गया। इस समझौते के जरिए उत्तर प्रदेश में अत्याधुनिक डेटा सेंटर आधारित AI पार्क विकसित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar23 Mar 2026 01:04 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश अब तकनीक आधारित विकास के नए दौर में कदम रखता नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में बड़ा दांव खेलते हुए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार और Puch AI के बीच 25,000 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ा समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किया गया। इस समझौते के जरिए उत्तर प्रदेश में अत्याधुनिक डेटा सेंटर आधारित AI पार्क विकसित किए जाएंगे। इस पहल को उत्तर प्रदेश के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ तकनीकी ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को AI, डिजिटल गवर्नेंस और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। माना जा रहा है कि यह निवेश उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था तीनों पर बड़ा असर डालेगा।



उत्तर प्रदेश में बनेंगे आधुनिक AI पार्क

इस करार के तहत उत्तर प्रदेश में ऐसे AI पार्क स्थापित करने की योजना है, जो आधुनिक डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस होंगे। इन पार्कों के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी सेवाओं, रिसर्च, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री को मजबूत आधार मिलेगा। इससे उत्तर प्रदेश में डिजिटल निवेश का माहौल और बेहतर होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश सरकार इस पहल को केवल निवेश परियोजना तक सीमित नहीं रखना चाहती। योजना के अनुसार, प्रदेश में AI कॉमन्स की भी स्थापना की जाएगी। इसका मकसद सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाना है। नागरिक सेवाओं में AI के इस्तेमाल से उत्तर प्रदेश के लोगों को बेहतर और स्मार्ट सुविधाएं मिल सकेंगी।

युवाओं के लिए खुलेगा नया रास्ता

उत्तर प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने के लिए AI विश्वविद्यालय स्थापित करने की भी तैयारी है। इस विश्वविद्यालय के माध्यम से छात्रों और युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और नई डिजिटल तकनीकों की पढ़ाई तथा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्टार्टअप के नए अवसर मिल सकते हैं। UP News

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