उत्तर प्रदेश के इस जिले से शुरू हुआ नया कल्चर, खूब हो रही चर्चा
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 02:48 AM
अब वो दिन दूर नहीं जब गांवों में भी शहर जैसी खरीदारी का अनुभव मिलेगा। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के एक छोटे से गांव धमोरा में खुला है ऐसा ही पहला 'विलेज मॉल' जिसे नाम दिया गया है प्रगति मॉल। उत्तर प्रदेश के रामपुर का यह मॉल न केवल गांव के लोगों को शहर जैसी सुविधाएं देगा बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया रास्ता भी खोलेगा। UP News
क्या है प्रगति मॉल की खासियत?
उत्तर प्रदेश का प्रगति मॉल धमोरा ग्राम पंचायत में 1.58 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। सबसे अहम बात है कि एक भी पैसा सरकारी फंड से खर्च नहीं हुआ। इस मॉल में 43 दुकानें बनाई गई हैं जो पूरी तरह से स्थानीय लोगों को दी गई हैं। मॉल से हर महीने पंचायत को ₹30,000 किराया मिलेगा यानी गांव खुद कमाई करेगा।
महिलाओं और युवाओं को मिला नया मंच
गांव की रहने वाली एक निवासी अब इस मॉल में कॉस्मेटिक की दुकान चला रही हैं। उन्होंने बताया, "अब हमें शहर जाकर रोजगार ढूंढने की जरूरत नहीं। महिलाएं गांव में ही सारी खरीदारी कर लेती हैं।" वहीं धर्म सिंह, जो मॉल में एक जनरल स्टोर चला रहे हैं, कहते हैं, "पहले छोटी-छोटी चीजों के लिए भी शहर जाना पड़ता था। अब सबकुछ यहीं मिल जाता है।"
कैसे तैयार हुआ मॉल?
रामपुर के सीडीओ नंद किशोर ने बताया कि यह मॉल किसी सरकारी योजना के तहत नहीं बल्कि ग्राम पंचायत की पहल पर तैयार हुआ है। दुकानें स्थानीय लोगों को ही दी गईं जिससे निवेश भी उन्हीं का और मुनाफा भी उन्हीं को। यह मॉडल अब अन्य जिलों में भी अपनाया जाएगा। 2017 से पहले जिन जमीनों पर अवैध कब्जे थे अब वहीं पर विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। यह मॉल महिला उद्यमिता, युवाओं को स्वरोजगार, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने वाला एक नया मंच है। यहां स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और ‘लोकल टू ग्लोबल’ की दिशा में काम हो रहा है।
रामपुर के इस मॉडल को अब पूरे प्रदेश में विस्तारित करने की तैयारी है। सरकार और पंचायतें अब इस दिशा में मिलकर काम कर रही हैं ताकि गांवों में भी बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता, रोजगार और आत्मनिर्भरता का एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जा सके। UP News