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उत्तर प्रदेश के एक पूर्व IAS अधिकारी को बड़ा काम सौंपा गया है। उत्तर प्रदेश के पूर्व IAS अधिकारी की देख-रेख में छात्र तथा छात्राओं को IAS तथा IPS अधिकारी बनने के लिए खास प्रकारर की कोचिंग प्रदान की जाएगी। इस कोचिंग के द्वारा भारत की प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC को पास करने लायक व्यवस्था की जाएगी।

UP News : उत्तर प्रदेश के एक पूर्व IAS अधिकारी को बड़ा काम सौंपा गया है। उत्तर प्रदेश के पूर्व IAS अधिकारी की देख-रेख में छात्र तथा छात्राओं को IAS तथा IPS अधिकारी बनने के लिए खास प्रकारर की कोचिंग प्रदान की जाएगी। इस कोचिंग के द्वारा भारत की प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC को पास करने लायक व्यवस्था की जाएगी। UPSC की परीक्षा पास करके अधिक से अधिक संख्या में छात्र तथा छात्राएं IAS तथा IAS अधिकारी बन सकेंगे। यह खास प्रकार का कोचिंग कार्यक्रम हरिद्वार में चलाया जाएगा। इस कोचिंग कार्यक्रम में उत्तराखंड तथा उत्तर प्रदेश सहित देश भर के युवाओं को दाखिला दिया जाएगा। UP News
IAS तथा IPS अधिकारी तैयार करने के लिए खास कोचिंग खोलने की घोषणा योग गुरू बाबा रामदेव ने की है। योग गुरू रामदेव ने बताया कि पतंजलि संस्था की तरफ से चलाई जाने वाली कोचिंग की देख-रेख का काम उत्तर प्रदेश के पूर्व IAS अधिकारी एन.पी. सिंह को सौंपा गया है। उत्तर प्रदेश के पूर्व IAS अधिकारी सेवानिवृत्त (रिटायर) होने के बाद से पतंजलि के शिक्षा अभियान से जुड़े हुए हैं। एन.पी. सिंह IAS रहते हुए उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर तथा सहारनपुर जिलों के जिलाधिकारी रहे हैं। अपने कार्यकाल में एन.पी. सिंह ने खूब लोकप्रियता हासिल की थी। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए ही बाबा रामदेव ने उन्हें पतंजलि का हिस्सा बनाया था। उत्तर प्रदेश के इसी IAS अधिकारी एन.पी. सिंह को बाबा रामदेव ने नए IAS तथा PCS अधिकारी तैयार करने का काम सौंपा है। UP News
आपको बता दें कि योग गुरु बाबा रामदेव की संस्था पतंजलि ने देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवाओं की तैयारी कराने के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। हरिद्वार में 'पतंजलि सिविल सेवा अकादमी' की शुरुआत की गई है, जहां IAS तथा IPS और अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पतंजलि का दावा है कि यह अकादमी भारतीय संस्कृति, आधुनिक विज्ञान और राष्ट्रसेवा की भावना से ओत-प्रोत अधिकारियों को तैयार करेगी। अकादमी के शुभारंभ के अवसर पर बाबा रामदेव ने इसे शिक्षा जगत में ऐतिहासिक और युगांतकारी पहल बताया। उन्होंने कहा कि भारत संविधान से संचालित होता है, लेकिन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में अधिकारियों के चरित्र और कार्यशैली की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए अकादमी का उद्देश्य केवल प्रशासनिक सेवाओं में चयन कराना नहीं, बल्कि राष्ट्रनिष्ठ और कर्तव्यपरायण IAS तथा IPS अधिकारियों का निर्माण करना है। UP News
पतंजलि सिविल सेवा अकादमी में एक विशेष 'त्रि-शिक्षा मॉडल' अपनाया जाएगा। इसके तहत आध्यात्मिक ज्ञान, प्रशासनिक उत्कृष्टता और शैक्षणिक कठोरता को एक साथ जोड़ा जाएगा। पतंजलि के अनुसार यह मॉडल ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद की त्रिवेणी की तरह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का समग्र विकास करेगा। अकादमी का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें 'विरासत और विज्ञान' तथा 'बोधि और शोध' जैसे सिद्धांतों को विशेष महत्व दिया जाएगा। साथ ही योग और प्राणायाम के जरिए विद्यार्थियों के मानसिक और शारीरिक संतुलन को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि वे प्रशासनिक जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन कर सकें। UP News
उत्तर प्रदेश के पूर्व आईएएस अधिकारी एनपी सिंह ने कहा कि वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था अभी भी काफी हद तक औपनिवेशिक सोच से प्रभावित है, जिसका मूल उद्देश्य शासन करना था, सेवा करना नहीं। उन्होंने कहा कि नई अकादमी भारतीय संविधान की मूल भावना और भारतीय प्रशासनिक परंपराओं को केंद्र मंस रखकर अधिकारियों में संवेदनशीलता, लोककल्याण और कर्तव्यनिष्ठा का विकास करेगी। देश के चर्चित सिविल सेवा शिक्षक अवध ओझा को अकादमी का नेतृत्व सौंपा गया है। पतंजलि के अनुसार शुरुआती एक माह के विशेष सत्र में अवध ओझा विद्यार्थियों को इतिहास, व्यक्तित्व विकास और प्रेरणा से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। उन्होंने कहा कि अकादमी का लक्ष्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के विवेक और निर्णय क्षमता को विकसित करना है। UP News
पतंजलि ने बताया कि अकादमी में दिल्ली और देश के अन्य प्रमुख शिक्षा केंद्रों के अनुभवी शिक्षकों का सहयोग लिया जाएगा। इससे छात्रों को उच्च स्तरीय और प्रतिस्पर्धी तैयारी का माहौल मिलेगा। कार्यक्रम में पतंजलि विश्वविद्यालय की डीन साध्वी देवप्रिया और प्रो-वाइस चांसलर मयंक अग्रवाल सहित कई शिक्षाविद भी मौजूद रहे। देश में लंबे समय से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी निजी कोचिंग संस्थानों और विश्वविद्यालयों के माध्यम से होती रही है। ऐसे में पतंजलि का इस क्षेत्र में प्रवेश शिक्षा जगत में एक नई चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अकादमी अपने घोषित उद्देश्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन उपलब्ध कराती है, तो यह सिविल सेवा अभ्यर्थियों के लिए एक नया विकल्प बन सकती है। UP News
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