उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में बसुई नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर 12वीं के छात्र आशीष यादव चार दिन से अनशन पर हैं। करीब 50 ग्रामीणों ने समर्थन दिया है। सांसद प्रिया सरोज से मौके पर पहुंचकर आश्वासन देने की मांग की गई है।

UP News : उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में बसुई नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर एक 12वीं कक्षा के छात्र ने आंदोलन की कमान संभाल ली है। ग्राम पंचायत अड़ियार (नहरपुर) से बसुई नदी होते हुए दुर्जनपुर, जिला वाराणसी को जोड़ने वाले मार्ग पर पुल निर्माण की मांग को लेकर छात्र आशीष यादव पिछले चार दिनों से नदी किनारे सत्ती माई के स्थान पर अनशन पर बैठे हैं। छात्र के समर्थन में करीब 50 ग्रामीण महिला, पुरुष और बच्चे भी अनशन स्थल पर डटे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बसुई नदी पर पुल का निर्माण केवल एक गांव की समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इससे जौनपुर और वाराणसी जिले के ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। पुल बनने के बाद अड़ियार (नहरपुर) क्षेत्र से वाराणसी जिले तक आवागमन आसान हो जाएगा और विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों तथा अन्य ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी। UP News
Gen Z पीढ़ी से ताल्लुक रखने वाले छात्र आशीष यादव ने अब इस स्थानीय समस्या को लेकर जनप्रतिनिधि के सामने सीधे अपनी बात रखने का फैसला किया है। आशीष ने मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज से मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्या सुनने और बसुई नदी पर पुल निर्माण का आश्वासन देने की मांग की है। आशीष का कहना है कि जब तक सांसद स्वयं मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्या नहीं सुनतीं और पुल निर्माण को लेकर आश्वासन नहीं देतीं, तब तक वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे। UP News
अनशन पर बैठे छात्र आशीष यादव ने बताया कि उन्हें तथा क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों को वाराणसी जिले में पढ़ाई के लिए जाने के दौरान करीब आठ किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। छात्रों को कोचारी मार्ग से होकर वाराणसी जाना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि बसुई नदी पर पुल बन जाता है तो नदी पार करते ही सीधे वाराणसी जिले में प्रवेश किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों को लंबा चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और उनका समय तथा यात्रा खर्च दोनों बचेंगे। UP News
ग्रामीणों के मुताबिक बसुई नदी पर पुल नहीं होने के कारण आसपास के लोगों को धौंकलगंज बाजार जाने के लिए भी करीब छह से आठ किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों का दावा है कि पुल बन जाने के बाद यही दूरी घटकर करीब तीन किलोमीटर रह जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से केवल आवागमन आसान नहीं होगा, बल्कि आसपास के गांवों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंचने में भी बड़ी राहत मिलेगी। UP News
ग्रामीणों का कहना है कि बसुई नदी पर पुल निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। इसी वजह से अब क्षेत्र के 12वीं कक्षा के छात्र आशीष यादव ने आंदोलन की कमान संभाली है। अनशन स्थल पर ग्रामीणों की मौजूदगी से साफ है कि यह मुद्दा केवल एक छात्र तक सीमित नहीं है। करीब 50 ग्रामीण महिला, पुरुष और बच्चे आशीष के समर्थन में अनशन स्थल पर मौजूद हैं। UP News
पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों में मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज के प्रति भी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सांसद बनने के बाद उन्होंने क्षेत्र में पर्याप्त समय नहीं दिया और विकास से जुड़ा कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं कराया। हालांकि, ये ग्रामीणों के आरोप हैं और इस संबंध में सांसद प्रिया सरोज या उनके प्रतिनिधि की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। चेतना मंच ने सांसद से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन पर संपर्क नहीं हो सका। सांसद पक्ष की प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। UP News
बसुई नदी के किनारे सत्ती माई के स्थान पर छात्र आशीष यादव का अनशन चौथे दिन भी जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांग किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों लोगों की सुविधा से जुड़ी हुई है। अनशन में सुंदर यादव, बेदी यादव, मनोज यादव, नीरज यादव, राहुल यादव, राजेश यादव (पूर्व ग्राम प्रधान), अच्छेलाल, दीपक यादव, सुशील यादव, तिलकधारी यादव, अरविंद यादव, राजेंद्र यादव, रिंकी यादव, सोनी यादव और निशु समेत करीब 50 ग्रामीण महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हैं। UP News
बसुई नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर छात्र आशीष यादव के अनशन ने स्थानीय समस्या को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक ओर छात्र का कहना है कि वह सांसद के मौके पर पहुंचकर आश्वासन देने तक अनशन जारी रखेगा, वहीं ग्रामीण भी उसके समर्थन में खड़े हैं। अब देखना यह है कि चार दिन से जारी इस अनशन के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और बसुई नदी पर पुल निर्माण की वर्षों पुरानी मांग कब पूरी होती है। UP News
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