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उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के बड़े फैसले का लाभ प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों को मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार का यह बड़ा फैसला बिजली विभाग से जुड़ा हुआ है।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के बड़े फैसले का लाभ प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों को मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार का यह बड़ा फैसला बिजली विभाग से जुड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के राज्य विद्युत नियामक आयोग ने इस बड़े फैसले की घोषणा कर दी है। उत्तर प्रदेश के नागरिकों ने सरकार के इस बड़े फैसले का स्वागत किया है। उत्तर प्रदेश के नागरिकों का कहना है कि यह फैसला प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को फायदा पहुंचाने वाला साबित होगा। UP News
उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश में बिजली का रेट ज्यों का त्यों रखा है। बिजली के रेट ना बढऩे के कारण उत्तर प्रदेश के 3 लाख 80 हजार बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा होगा। दरअसल उत्तर प्रदेश में बिजली के उपभोक्ता तो 25 करोड़ नागरिक हैं किन्तु बिजली विभाग के द्वारा जारी किए गए बिजली के कनेक्शनों के आधार पर बिजली के उपभोक्ताओं की संख्या 3 लाख 80 हजार बताई जाती है। इसका सीधा सा कारण है कि उत्तर प्रदेश में बिजली के कनेक्शनों की संख्या 3 करोड़ 80 लाख है। इन कनेक्शन धारकों को बिजली विभाग अपना उपभोक्ता मानता है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली के रेट नहीं बढ़ाने की घोषणा कर दी है। UP News
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में पिछले 7 साल से बिजली के रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। एक बार फिर प्रदेश के 3.80 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को सातवें वर्ष भी राहत मिली है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बृहस्पतिवार को नया टैरिफ आदेश जारी करते हुए मौजूदा दरों को ही बरकरार रखा। इसके साथ ही यूपी लगातार सात वर्षों तक बिजली दरें स्थिर रखने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। UP News
आपको बता दें कि बिजली कंपनियों की ओर से पावर कॉर्पोरेशन ने वर्ष 2026-27 के लिए 1,18,742 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) दाखिल की थी। नियामक आयोग ने एआरआर 1,13,785 करोड़ रुपये निर्धारित किया। इस पर कॉर्पोरेशन ने बिजली दरें बढ़ाने की मांग की। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने तर्क दिया कि दरें बढ़ानें से पहले उपभोक्ताओं का कंपनियों पर सरप्लस 51 हजार करोड़ रुपये लौटाया जाए। आयोग ने सब्सिडी को अलग, रखते हुए 90,805 करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व तय किया है। राज्य सरकार की सब्सिडी शामिल करने पर वर्तमान टैरिफ के आधार पर बिजली कंपनियों को 1,11,205 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। सभी पक्षों को सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार एवं सदस्य संजय कुमार सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के टैरिफ आदेश में बिजली दरें यथावत रखने का आदेश दिया। UP News
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