प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने प्याज की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी बफर स्टॉक से ₹35 प्रति किलो की दर पर प्याज बेचने की शुरुआत कर दी है।

UP News : प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने प्याज की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी बफर स्टॉक से ₹35 प्रति किलो की दर पर प्याज बेचने की शुरुआत कर दी है। उत्तर प्रदेश में लखनऊ, वाराणसी, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद समेत कई प्रमुख शहरों में उपभोक्ताओं को सस्ती प्याज उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब देश के कई हिस्सों में प्याज के खुदरा भाव में तेजी देखने को मिली है। सरकार का कहना है कि देश में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता है और घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारी जा रही है। UP News
उत्तर प्रदेश में फिलहाल सरकारी रियायती प्याज की बिक्री के लिए प्रमुख शहरों को शामिल किया गया है। इनमें लखनऊ, वाराणसी, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद प्रमुख हैं।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में पांच शहरों में 50 से अधिक स्थानों पर सस्ती प्याज उपलब्ध कराई जा रही है। नोएडा में सेक्टर-25, 51, 53, 78, 74, 137 और 128 जैसे क्षेत्रों में बिक्री शुरू की गई है। ग्रेटर नोएडा में क्रॉसिंग रिपब्लिक और गौड़ सिटी में भी ₹35 किलो प्याज उपलब्ध कराई जा रही है। गाजियाबाद में इंदिरापुरम और कौशांबी के चार स्थानों पर बिक्री शुरू हुई है। UP News
सरकार ने लखनऊ और वाराणसी में भी कई स्थानों पर रियायती प्याज की बिक्री शुरू की है। लखनऊ में महानगर एक्सटेंशन, कपूरथला, इंदिरानगर, गोमती नगर, विकास नगर, कुर्सी रोड, टेढ़ी पुलिया, जानकीपुरम, अलीगंज, राजाजीपुरम, ठाकुरगंज, चौक, चारबाग और अन्य इलाकों को बिक्री के लिए शामिल किया गया है। वहीं वाराणसी में रामनगर, लंका, भेलूपुर, सिगरा, चौकाघाट, पांडेयपुर, शिवपुर और पहाड़िया मंडी समेत कई स्थानों पर उपभोक्ताओं को ₹35 किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराई जा रही है। UP News
प्याज के खुदरा दाम में तेजी के बाद केंद्र सरकार ने अपने बफर स्टॉक का इस्तेमाल करते हुए बाजार में सस्ती प्याज उतारने का फैसला किया है। 27 अगस्त से दिल्ली में इसकी शुरुआत की गई और इसके बाद दिल्ली-एनसीआर तथा अन्य प्रमुख शहरों में बिक्री का विस्तार किया गया। सरकारी एजेंसियां एनसीसीएफ (NCCF), नेफेड (NAFED) और केंद्रीय भंडार के माध्यम से प्याज की बिक्री कर रही हैं। इसके अलावा मोबाइल वैन और ट्रकों के जरिए भी प्याज को उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। UP News
दिल्ली-एनसीआर में प्याज की उपलब्धता बनाए रखने के लिए महाराष्ट्र के नासिक से बड़ी मात्रा में प्याज भेजी जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक एनसीसीएफ और नेफेड के माध्यम से प्याज की आपूर्ति बढ़ाई गई है। 'कांदा एक्सप्रेस' के जरिए भी प्याज की बड़ी खेप दिल्ली पहुंचाई जा रही है। सरकार का उद्देश्य सिर्फ सस्ती प्याज उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि बाजार में कीमतों पर दबाव कम करना भी है। UP News
प्याज की कीमतों में तेजी के बीच एक महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आई है कि सरकार ने प्याज के निर्यात पर रोक लगाने का फैसला नहीं किया है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के अनुसार देश में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त है, इसलिए निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का कोई सवाल नहीं है। सरकार का मानना है कि घरेलू बाजार में बफर स्टॉक से प्याज उपलब्ध कराने के साथ किसानों को बेहतर कीमत दिलाने के लिए निर्यात भी जारी रहना चाहिए। UP News
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में प्याज का अनुमानित उत्पादन करीब 307.37 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष के करीब 307.67 लाख टन के लगभग बराबर है। यानी सरकार के मुताबिक देश में प्याज की वास्तविक कमी नहीं है। मौजूदा समस्या मुख्य रूप से कीमत और आपूर्ति के दबाव से जुड़ी है। इसी वजह से बफर स्टॉक को बाजार में उतारकर आम उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की जा रही है। UP News
प्याज भारतीय रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है। ऐसे में कीमतों में अचानक बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है। सरकार की ₹35 किलो वाली प्याज से खास तौर पर उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें खुले बाजार में महंगी प्याज खरीदनी पड़ रही है। हालांकि सरकारी प्याज की उपलब्धता स्थान और स्टॉक के आधार पर बदल सकती है। इसलिए उपभोक्ताओं को बिक्री केंद्र पर उपलब्धता की जानकारी लेकर पहुंचना बेहतर रहेगा। UP News
उत्तर प्रदेश में ₹35 किलो प्याज की सरकारी बिक्री शुरू होना आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत है। खास बात यह है कि इस योजना में नोएडा-ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे एनसीआर के शहरों को भी शामिल किया गया है। आने वाले दिनों में यदि बिक्री केंद्रों और मोबाइल वैन की संख्या बढ़ती है तो इसका असर खुले बाजार की प्याज कीमतों पर भी पड़ सकता है। UP News
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