उत्तर प्रदेश के इस IPS अधिकारी का नाम अचानक पूरे प्रदेश में चर्चा में क्यों आ गया है और आखिर पीलीभीत पुलिस ने ऐसा क्या कर दिया, जिसने सितंबर की प्रदेश स्तरीय IGRS रैंकिंग में उसे नंबर-1 बना दिया।

UP News : उत्तर प्रदेश के एक IPS अधिकारी ने बड़ा कमाल कर दिया है। अचानक बड़ा कमाल करने वाले उत्तर प्रदेश के इस IPS अधिकारी का नाम पूरे प्रदेश में बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। यहां हम उत्तर प्रदेश के जिस IPS अधिकारी की बात कर रहे हैं। वह IPS अधिकारी इन दिनों उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख जिले में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात है। UP News
उत्तर प्रदेश के जिस IPS अधिकारी की यहां बात हो रही है उस IPS अधिकारी का नाम सुकीर्ति माधव है। उत्तर प्रदेश के IPS अधिकारी सुकीर्ति माधव वर्ष-2015 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के IPS अधिकारी हैं। उत्तर प्रदेश के IPS अधिकारी सुकीर्ति माधव बिहार प्रदेश के जमुई जिले के रहने वाले हैं। सुकीर्ति माधव ने बिना किसी प्रकार की कोचिंग किए हुए भारत की सबसे प्रतिष्ठित संस्था UPSC की परीक्षा दी थी। UPSC की पहली ही परीक्षा में वर्ष-2014 में सुकीर्ति माधव भारतीय राजस्व सेवा में IPS अधिकारी बन गए थे। उत्तर प्रदेश के IPS अधिकारी सुकीर्ति IPS बनकर संतुष्ट नहीं थे। इसी कारण उन्होंने वर्ष-2015 में फिर से UPSC की परीक्षा दी और वर्ष-2015 बैच में उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी बन गए। UP News
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के IPS अधिकारी सुकीर्ति माधव इन दिनों पीलीभीत जिले में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात हैं। पीलीभीत पुलिस ने शनिवार को बड़े ही कमाल का काम किया है। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की पुलिस ने सितंबर की रैंकिंग में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान खींचा है। जनशिकायतों के निस्तारण से जुड़े I GRS-जनसुनवाई पोर्टल की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में पीलीभीत पुलिस नंबर-1 रही है। लेकिन इस उपलब्धि की सबसे खास बात सिर्फ जिले का पहला स्थान हासिल करना नहीं है। पीलीभीत के सभी 17 थानों ने भी अपनी-अपनी श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, संतुष्ट फीडबैक, भौतिक सत्यापन, डिफॉल्टर मामलों की रोकथाम और प्रकरणों की लगातार मॉनिटरिंग जैसे मानकों पर बेहतर प्रदर्शन के बाद पुलिस को यह सफलता मिली है। सितंबर 2026 की जारी रैंकिंग में सामने आए इस प्रदर्शन ने थाना स्तर तक की व्यवस्था को भी चर्चा में ला दिया है। UP News
पीलीभीत पुलिस के लिए यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि जिले के सभी 17 थानों ने समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली यानी IGRS (Integrated Grievance Redressal System) मूल्यांकन में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई और शिकायतकर्ताओं के फीडबैक समेत निर्धारित मानकों पर पुलिस ने बेहतर प्रदर्शन किया। UP News
SP सुकीर्ति माधव के नेतृत्व में जनशिकायतों की लगातार समीक्षा की गई। अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों की निगरानी के साथ यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि शिकायतों का निस्तारण सिर्फ समय सीमा के भीतर न हो, बल्कि कार्रवाई तथ्यपरक, निष्पक्ष और विधिसम्मत भी हो। UP News
सितंबर की आईजीआरएस रैंकिंग में संदर्भों का समय से अग्रसारण, डिफॉल्टर मामलों की रोकथाम, शिकायतकर्ताओं से संतुष्ट फीडबैक, सी-श्रेणी के मामलों में कमी, मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त प्रकरणों का निस्तारण, भौतिक सत्यापन, यूजर प्रोफाइल अपडेट और फील्ड विजिट रिपोर्ट जैसे मानकों को शामिल किया गया। UP News
शिकायतों के वास्तविक समाधान के लिए आवेदकों से फीडबैक लेने और जरूरत के अनुसार भौतिक सत्यापन पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के स्तर पर मामलों की नियमित समीक्षा की गई, जिससे लंबित या डिफॉल्टर प्रकरणों को नियंत्रित रखने का प्रयास किया गया। UP News
इस प्रदर्शन के बाद एसपी सुकीर्ति माधव ने आईजीआरएस से जुड़े पुलिस कार्यालय, सभी सर्किलों और थानों के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही भविष्य में भी शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए गए। UP News
पीलीभीत पुलिस के अनुसार जनशिकायतों का प्रभावी निस्तारण शासन और पुलिस महानिदेशक की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी के तहत शिकायतों की मॉनिटरिंग और कार्रवाई की गुणवत्ता पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। UP News
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