योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब माफिया परिवारों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के परिवार और गैंग से जुड़ी करोड़ों की संपत्तियों पर कार्रवाई के बाद अब गाजीपुर में मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शां अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में माफिया नेटवर्क और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अब माफिया परिवारों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के परिवार और गैंग से जुड़ी करोड़ों की संपत्तियों पर कार्रवाई के बाद अब गाजीपुर में मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शां अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
गाजीपुर पुलिस ने शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी महत्वपूर्ण पत्रावलियों के गायब होने के मामले में आफ्शां अंसारी समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों को साजिश के तहत अभिलेखागार से गायब किया गया। UP News
गाजीपुर में मुख्तार अंसारी के गैंग आईएस-191 से जुड़े लोगों और उनके सहयोगियों को जारी शस्त्र लाइसेंसों की जांच चल रही है। इसी जांच के दौरान पुलिस को कई अनियमितताएं मिली हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शां अंसारी के नाम जारी शस्त्र लाइसेंस संख्या 1054/पी-11 से जुड़ी लाइसेंस फाइल और हथियार खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेज अभिलेखागार से गायब हैं। पुलिस के मुताबिक, दस्तावेजों के गायब होने के पीछे लाइसेंसधारक और संबंधित शस्त्र लिपिकों की मिलीभगत की आशंका जताई गई है। इस मामले में आफ्शां अंसारी के अलावा तत्कालीन पटल सहायक प्रथम बृजनारायण राम और तत्कालीन पटल सहायक द्वितीय भीष्म सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। UP News
जांच में यह भी सामने आया कि उक्त लाइसेंस पर खरीदी गई एनपीबी रिवॉल्वर संख्या एबीएम 4299 की मौजूदा स्थिति का पता नहीं चल पाया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां है और उसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी क्या है। एएसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा के अनुसार, जांच के दौरान आफ्शां अंसारी के नाम जारी शस्त्र लाइसेंस की पत्रावलियां नहीं मिलीं। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 409, 120बी, 419 और आर्म्स एक्ट की धारा 21/25/30 के तहत कार्रवाई की गई है। UP News
शस्त्र लाइसेंस जांच मामले में इससे पहले मुख्तार अंसारी के बड़े भाई और गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस ने उनके अलावा तत्कालीन दो शस्त्र लिपिकों को भी जांच के दायरे में लिया है। जांच एजेंसियां आईएस-191 गैंग से जुड़े लोगों को जारी शस्त्र लाइसेंस और हथियारों की खरीद-बिक्री की पूरी जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस जांच के लिए गठित टीमों ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के अलावा दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश तक जाकर रिकॉर्ड खंगाले हैं। इस दौरान सामने आया कि आईएस-191 गैंग के सदस्यों को जारी 51 शस्त्र लाइसेंसों पर करीब 145 हथियारों की खरीद-बिक्री हुई थी। जांच में कई लाइसेंस फाइलें और हथियारों से जुड़े दस्तावेज नहीं मिले हैं। कुछ हथियारों की वर्तमान स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। UP News
वहीं, प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ और पत्नी शाइस्ता परवीन से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई जारी है। गैंगस्टर एक्ट के तहत पुलिस ने करीब 345 करोड़ रुपये मूल्य की 18 चल और अचल संपत्तियों को जब्त किया है। इन संपत्तियों में मकान, व्यावसायिक और आवासीय भूखंड, कृषि भूमि, बैंक खातों में जमा रकम और वाहन शामिल हैं। कार्रवाई प्रयागराज के अलावा कौशांबी और लखनऊ में भी की गई है। पुलिस के मुताबिक, चकिया, करेली, झूंसी, धूमनगंज, कसारी मसारी, देवघाट समेत कई इलाकों की संपत्तियां कार्रवाई के दायरे में आई हैं। इसके अलावा बैंक खातों में जमा धनराशि को भी सीज किया गया है। UP News
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