उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर होने वाले MLC चुनाव को लेकर नामांकन जांच के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है, लेकिन असली मुकाबले की कहानी अभी बाकी है। आखिर 188 प्रत्याशियों में से कितने चेहरे अंतिम मुकाबले तक पहुंचेंगे और किन सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी ?

UP News : उत्तर प्रदेश में विधान परिषद (MLC) के नामांकन-पत्र दाखिल होने के बाद 7 अक्टूबर 2026 को नामांकन पत्रों की जांच हुई। नामंकन पत्रों की जांच का यह कार्य अपराह्न 3.00 बजे तक चला। उत्तर प्रदेश के मेरठ-सहारनपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र तथा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के सभी नामांकन पत्र सही पाये गये। किसी भी प्रत्याशी का पर्चा रद्द नहीं किया गया। मेरठ-सहारनपुर निर्वाचन क्षेत्र में हो रहे MLC चुनाव के लिए मेरठ मंडल के आयुक्त भानुचंद गोस्वामी निर्वाचन अधिकारी (RO ) हैं। भानुचंद गोस्वामी ने चेतना मंच को बताया कि स्कू्रटनी में सभी प्रत्याशियों के नामांकन पत्र सही पाए गए हैं। UP News
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद की 11 सीटों पर होने वाला चुनाव लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है। खासकर प्रदेश के शिक्षकों के लिए यह चुनाव इसलिए बेहद अहम है, क्योंकि विधान परिषद की छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में शिक्षक मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। इनके साथ पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भी चुनाव होना है। इन 11 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुल 188 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की गई। जबकि 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। UP News
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल आठ सीटें हैं, लेकिन इस चुनाव में छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र,वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन छह सीटों के साथ लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी के पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भी चुनाव होगा। UP News
इस चुनाव की खासियत यह है कि एक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कई जिले शामिल हैं। इसलिए प्रत्याशियों को केवल एक शहर या जिले में नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षकों के बीच संपर्क बनाना पड़ता है। UP News
1. मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र - पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली और हापुड़ जिले आते हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा वाला गौतमबुद्ध नगर भी इसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है। इसलिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शिक्षकों की नजर इस चुनाव पर विशेष रूप से बनी हुई है। UP News
2. लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र-लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली और प्रतापगढ़ जिले शामिल हैं। यह क्षेत्र प्रदेश की राजधानी और उसके आसपास के बड़े शैक्षिक क्षेत्र को समेटता है। शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याएं, वेतन, पदोन्नति, पुरानी पेंशन, वित्तविहीन शिक्षकों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे यहां चुनावी विमर्श का हिस्सा बने हुए हैं। UP News
3. वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र - वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जिले शामिल हैं। पूर्वांचल के इस बड़े शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सरकारी और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षकों की बड़ी संख्या चुनाव को महत्वपूर्ण बनाती है। UP News
4. आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र - आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का दायरा सबसे व्यापक क्षेत्रों में है। इसमें आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद और कासगंज जिले शामिल हैं। यानी आगरा से लेकर अलीगढ़, मथुरा, मैनपुरी, इटावा और कन्नौज तक शिक्षकों के बीच चुनावी मुकाबला है। इस क्षेत्र में लगभग 51 हजार शिक्षक मतदाता दर्ज हैं। UP News
5. बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र - इस शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर और संभल जिले शामिल हैं। यह क्षेत्र पश्चिमी और मध्य-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण शैक्षिक क्षेत्रों को जोड़ता है। उपलब्ध अंतिम मतदाता सूची के अनुसार यहां 46,553 शिक्षक मतदाता दर्ज हैं। UP News
6. गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र - यह प्रदेश के सबसे बड़े शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में शामिल है। इसमें बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या, अमेठी और अंबेडकरनगर जिले शामिल हैं। इस क्षेत्र का भौगोलिक विस्तार बहुत बड़ा है और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों के शिक्षक यहां अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। UP News
विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या सामान्य विधानसभा चुनावों की तुलना में कम जरूर होती है, लेकिन इनका राजनीतिक महत्व काफी अधिक माना जाता है। उपलब्ध अंतिम मतदाता सूची के अनुसार छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या इस प्रकार दर्ज की गई थी—
मेरठ 33,163
लखनऊ 36,217
वाराणसी 32,549
आगरा 51,532
बरेली-मुरादाबाद 46,553
गोरखपुर-फैजाबाद 52,257
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि गोरखपुर-फैजाबाद और आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षक मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। UP News
विधान परिषद के चुनाव के लिए इस बार चुनावी तस्वीर भी दिलचस्प है। 11 सीटों के लिए कुल 188 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। शिक्षक और स्नातक सीटों पर नामांकन का क्षेत्रवार आंकड़ा भी मुकाबले की व्यापकता बताता है—
मेरठ शिक्षक — 11
मेरठ स्नातक — 10
वाराणसी स्नातक — 27
लखनऊ स्नातक — 22
आगरा स्नातक — 20
इलाहाबाद-झांसी स्नातक — 19
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक — 19
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक — 17
आगरा शिक्षक — 15
लखनऊ शिक्षक — 14
वाराणसी शिक्षक — 14 UP News
विधान परिषद की इन 11 सीटों को राजनीतिक दल 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा के रूप में देख रहे हैं। भाजपा और समाजवादी पार्टी ने लगभग सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं और प्रत्याशी चयन में स्थानीय प्रभाव, शिक्षक संगठनों और सामाजिक समीकरणों को भी महत्व दिया गया है। भाजपा ने शिक्षक सीटों पर लखनऊ से उमेश द्विवेदी, मेरठ से श्रीचंद शर्मा, बरेली-मुरादाबाद से हरि सिंह ढिल्लो, वाराणसी से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा से हरि किशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव त्रिपाठी को मैदान में उतारा है।वहीं समाजवादी पार्टी ने शिक्षक सीटों पर लखनऊ से सुशील कुमार पटेल, वाराणसी से लाल बिहारी यादव, आगरा से डॉ. आकाश अग्रवाल, मेरठ से नितिन कुमार तोमर, बरेली-मुरादाबाद से हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर और गोरखपुर-फैजाबाद से डॉ. संजयन त्रिपाठी को मैदान में उतारा है। हालांकि 9 अक्टूबर को नाम वापसी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन-कौन प्रत्याशी अंतिम रूप से चुनाव मैदान में हैं। UP News
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