उत्तर प्रदेश MLC चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। जानिए शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कितने मतदाता हैं, कौन-कौन से जिले किस क्षेत्र में आते हैं, प्रमुख प्रत्याशी कौन हैं और 23 अक्टूबर के मतदान से पहले क्या है पूरा चुनावी गणित।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद की 11 सीटों पर होने वाला चुनाव लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है। खासकर प्रदेश के शिक्षकों के लिए यह चुनाव इसलिए बेहद अहम है, क्योंकि विधान परिषद की छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में शिक्षक मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। इनके साथ पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भी चुनाव होना है। इन 11 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुल 188 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच हो रही है, जबकि 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। यह चुनाव केवल विधान परिषद की 11 सीटों तक सीमित नहीं है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का दायरा प्रदेश के बड़े भूभाग तक फैला हुआ है और इन क्षेत्रों में शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों तथा उच्च शिक्षित मतदाताओं के मुद्दे चुनाव का प्रमुख आधार बनने जा रहे हैं। UP News
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल आठ सीटें हैं, लेकिन इस चुनाव में छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
इनमें—
शामिल हैं। इन छह सीटों के साथ लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी के पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भी चुनाव होगा। UP News
इस चुनाव की खासियत यह है कि एक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कई जिले शामिल हैं। इसलिए प्रत्याशियों को केवल एक शहर या जिले में नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शिक्षकों के बीच संपर्क बनाना पड़ता है। UP News
1. लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र - लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली और प्रतापगढ़ जिले शामिल हैं। यह क्षेत्र प्रदेश की राजधानी और उसके आसपास के बड़े शैक्षिक क्षेत्र को समेटता है। शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याएं, वेतन, पदोन्नति, पुरानी पेंशन, वित्तविहीन शिक्षकों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे यहां चुनावी विमर्श का हिस्सा बने हुए हैं। UP News
2. वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र - वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जिले शामिल हैं। पूर्वांचल के इस बड़े शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सरकारी और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षकों की बड़ी संख्या चुनाव को महत्वपूर्ण बनाती है। UP News
3. आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र - आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का दायरा सबसे व्यापक क्षेत्रों में है। इसमें आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद और कासगंज जिले शामिल हैं। यानी आगरा से लेकर अलीगढ़, मथुरा, मैनपुरी, इटावा और कन्नौज तक शिक्षकों के बीच चुनावी मुकाबला है। इस क्षेत्र में लगभग 51 हजार शिक्षक मतदाता दर्ज हैं। UP News
4. मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र - पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली और हापुड़ जिले आते हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा वाला गौतमबुद्ध नगर भी इसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है। इसलिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शिक्षकों की नजर इस चुनाव पर विशेष रूप से बनी हुई है। UP News
5. बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र - इस शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर और संभल जिले शामिल हैं।
यह क्षेत्र पश्चिमी और मध्य-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण शैक्षिक क्षेत्रों को जोड़ता है। उपलब्ध अंतिम मतदाता सूची के अनुसार यहां 46,553 शिक्षक मतदाता दर्ज हैं। UP News
6. गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र - यह प्रदेश के सबसे बड़े शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में शामिल है। इसमें बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या, अमेठी और अंबेडकरनगर जिले शामिल हैं। इस क्षेत्र का भौगोलिक विस्तार बहुत बड़ा है और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों के शिक्षक यहां अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। UP News
इस बार चुनावी मुकाबले की तस्वीर भी दिलचस्प है। 11 सीटों के लिए कुल 188 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है।
शिक्षक और स्नातक सीटों पर नामांकन का क्षेत्रवार आंकड़ा भी मुकाबले की व्यापकता बताता है—
नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों की वास्तविक संख्या और मुकाबले की तस्वीर बदल सकती है। UP News
विधान परिषद की इन 11 सीटों को राजनीतिक दल 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा के रूप में देख रहे हैं। भाजपा और समाजवादी पार्टी ने लगभग सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं और प्रत्याशी चयन में स्थानीय प्रभाव, शिक्षक संगठनों और सामाजिक समीकरणों को भी महत्व दिया गया है। भाजपा ने शिक्षक सीटों पर लखनऊ से उमेश द्विवेदी, मेरठ से श्रीचंद शर्मा, बरेली-मुरादाबाद से हरि सिंह ढिल्लो, वाराणसी से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा से हरि किशोर तिवारी और गोरखपुर-फैजाबाद से ध्रुव त्रिपाठी को मैदान में उतारा है।वहीं समाजवादी पार्टी ने शिक्षक सीटों पर लखनऊ से सुशील कुमार पटेल, वाराणसी से लाल बिहारी यादव, आगरा से डॉ. आकाश अग्रवाल, मेरठ से नितिन कुमार तोमर, बरेली-मुरादाबाद से हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर और गोरखपुर-फैजाबाद से डॉ. संजयन त्रिपाठी को मैदान में उतारा है। हालांकि 9 अक्टूबर को नाम वापसी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन-कौन प्रत्याशी अंतिम रूप से चुनाव मैदान में हैं। UP News
इन चुनावों में कई सीटों पर टिकट वितरण के बाद राजनीतिक समीकरण भी बदले हैं। आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के निर्दलीय एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी बनाया है। इसी तरह गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद संजयन त्रिपाठी ने सपा का रुख किया और सपा ने उन्हें उम्मीदवार बनाया। इससे दोनों सीटों पर मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। UP News
यह चुनाव केवल राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला नहीं है। शिक्षक मतदाताओं के सामने अपने पेशे से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल हैं।पुरानी पेंशन व्यवस्था, वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याएं, शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वेतन और एरियर, पदोन्नति, स्थानांतरण नीति, शिक्षण संस्थानों में रिक्त पद, माध्यमिक शिक्षा की स्थिति और शिक्षकों के सम्मान व अधिकार जैसे मुद्दे चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विशेषज्ञों के लिए यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता सामान्य राजनीतिक नारों के बजाय अपने पेशे और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े ठोस मुद्दों को प्राथमिकता देते रहे हैं। UP News
शिक्षक सीटों के साथ पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भी चुनाव हो रहा है।
लखनऊ स्नातक में लखनऊ, हरदोई, खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली और प्रतापगढ़ आते हैं।
वाराणसी स्नातक में बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र शामिल हैं।
आगरा स्नातक में आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद और कासगंज हैं।
मेरठ स्नातक में बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली और हापुड़ शामिल हैं।
इलाहाबाद-झांसी स्नातक में प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी और ललितपुर जिले शामिल हैं।
इस प्रकार शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का पूरा चुनावी नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्से को राजनीतिक रूप से प्रभावित कर रहा है। UP News
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 29 सितंबर को अधिसूचना जारी हुई थी। 6 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख थी। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच हो रही है और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। 27 अक्टूबर को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। UP News
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में विधान परिषद की इन 11 सीटों का चुनाव राजनीतिक दलों के लिए संगठन की ताकत परखने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। विशेष रूप से शिक्षक और स्नातक मतदाता सामान्य मतदाताओं से अलग वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये मतदाता शिक्षा, रोजगार, प्रशासन, सेवा शर्तों और शासन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षाकृत अधिक मुखर माने जाते हैं। इसी वजह से 23 अक्टूबर का मतदान केवल 11 एमएलसी चुनने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भी संकेत देगा कि शिक्षित और शिक्षक वर्ग के बीच राजनीतिक दलों की पकड़ किस दिशा में जा रही है। UP News
फिलहाल सबसे बड़ा इंतजार 9 अक्टूबर का है। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह साफ होगा कि 11 सीटों पर वास्तविक मुकाबला किन-किन उम्मीदवारों के बीच होगा।
इसके बाद शिक्षक संगठनों, राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रचार अभियान निर्णायक चरण में प्रवेश करेगा। 23 अक्टूबर को शिक्षक और स्नातक मतदाता अपने मताधिकार से यह तय करेंगे कि अगले छह वर्षों के लिए विधान परिषद में उनकी आवाज कौन उठाएगा। UP News
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