UP News: इस भवन का आकार ऊपर से देखने पर कमल के फूल जैसा दिखाई देगा। करीब 200 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाले इस भव्य परिसर पर लगभग 5,200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

UP New Assembly Building: उत्तर प्रदेश को जल्द ही एक नया और आधुनिक विधानसभा भवन मिलने जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित सहारा शहर की जमीन पर बनने वाली नई विधानसभा की डिजाइन सामने आ गई है। खास बात यह है कि इस भवन का आकार ऊपर से देखने पर कमल के फूल जैसा दिखाई देगा। करीब 200 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाले इस भव्य परिसर पर लगभग 5,200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नई विधानसभा सिर्फ एक सरकारी इमारत नहीं होगी बल्कि इसे उत्तर प्रदेश की लोकतांत्रिक पहचान, संस्कृति और आधुनिक विकास के प्रतीक के रूप में तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना का नक्शा लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में भी जमा कर दिया गया है।
प्रस्तावित नई विधानसभा भवन की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनोखी वास्तुकला होगी। भवन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ऊपर से देखने पर यह कमल की पंखुड़ियों जैसा नजर आएगा। मुख्य भवन के बीच वाले हिस्से में विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही के लिए सदन बनाया जाएगा। इसके चारों ओर प्रशासनिक कार्यालय और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस डिजाइन में भारतीय संस्कृति, लोकतांत्रिक मूल्यों और आधुनिक तकनीक का खास ध्यान रखा गया है। सरकार का उद्देश्य है कि यह भवन आने वाली कई पीढ़ियों तक उत्तर प्रदेश की पहचान बना रहे।
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हिंदुस्तान के मुताबिक, नई विधानसभा भवन को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। इसमें करीब 700 विधायकों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा नए परिसर में 200 सीटों वाली विधान परिषद बनाई जाएगी। 1,000 सीटों वाला संयुक्त अधिवेशन सभागार तैयार किया जाएगा। मौजूदा विधानसभा भवन में 403 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है जबकि विधान परिषद में 100 सदस्य हैं। भविष्य में परिसीमन और जनप्रतिनिधियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए नई विधानसभा की क्षमता ज्यादा रखी जा रही है।
नई विधानसभा की एक खास व्यवस्था यह होगी कि विधायकों के बैठने के लिए जिलेवार सेक्टर बनाए जाएंगे। आसान भाषा में कहें तो प्रदेश के अलग-अलग जिलों से चुने गए जनप्रतिनिधियों के लिए अलग-अलग क्षेत्र निर्धारित होंगे। इस व्यवस्था से विधायकों की पहचान और आपसी समन्वय में आसानी होगी। साथ ही सदन की कार्यवाही को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
नई विधानसभा परियोजना को बड़े स्तर पर विकसित किया जाएगा। करीब 35 लाख वर्गफुट निर्मित क्षेत्र में पूरे परिसर का निर्माण होगा। इसमें विधानसभा की कार्यवाही, सचिवालय, प्रशासनिक कार्यालय, सार्वजनिक सुविधाएं, तकनीकी ढांचा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग जगह निर्धारित की जाएगी। परिसर में विधायी गतिविधियों के लिए सबसे ज्यादा क्षेत्र रखा जाएगा जबकि सचिवालय और प्रशासनिक कार्यों के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी।
नई विधानसभा परिसर में आधुनिक सुविधाओं का भी खास ध्यान रखा जा रहा है। यहां करीब 5,000 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन और सौर ऊर्जा आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे यह परिसर पर्यावरण के लिहाज से भी आधुनिक और बेहतर बनाया जाएगा।
नई विधानसभा भवन को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि यह अगले 100 वर्षों तक प्रदेश की विधायी और प्रशासनिक जरूरतों को पूरा कर सके। बढ़ती आबादी, भविष्य में बढ़ने वाले जनप्रतिनिधियों और आधुनिक तकनीक की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना की योजना बनाई गई है। उत्तर प्रदेश की नई विधानसभा सिर्फ एक भवन नहीं होगी बल्कि यह प्रदेश के लोकतंत्र, विकास और भविष्य की जरूरतों को दर्शाने वाला एक बड़ा केंद्र बनने जा रही है। लखनऊ में बनने वाला यह नया विधानभवन आने वाले समय में देश की प्रमुख विधानसभा इमारतों में शामिल हो सकता है।
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