गंगा की गोद में बसे हैं उत्तर प्रदेश के 27 शहर, इस शहर की आरती से पूरी दुनिया प्रभावित
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 08:31 PM
देश के अन्य भागों से होते हुए उत्तर प्रदेश के 27 शहरों से होकर बहने वाली गंगा नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था और जीवनरेखा है। उत्तराखंड के गंगोत्री ग्लेशियर से निकलकर भागीरथी और अलकनंदा के संगम से जन्मी यह नदी उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में 2,525 किलोमीटर लंबा सफर तय करती है। इनमें से लगभग 1,450 किलोमीटर का रास्ता अकेले उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। UP News :
गंगा का यूपी में सफर
उत्तराखंड से निकलकर गंगा नदी सबसे पहले बिजनौर जिले में उत्तर प्रदेश की धरती पर प्रवेश करती है। इसके बाद यह पश्चिम से पूरब की ओर बढ़ते हुए कुल 27 जिलों को सींचती और संवारती है। शुरुआत में बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, अमरोहा और हापुड़ जैसे जिले आते हैं, जबकि आगे बढ़ते हुए यह नदी कानपुर, उन्नाव, फतेहपुर और रायबरेली को भी अपने तट पर समेट लेती है। प्रयागराज में गंगा यमुना से मिलकर पवित्र संगम का रूप लेती है। यह संगम हिंदू आस्था और अध्यात्म का अनूठा केंद्र माना जाता है। गंगा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि सिंचाई और पेयजल का भी प्रमुख स्रोत है।
वाराणसी की पहचान बनी गंगा आरती
गंगा तट पर बसे शहरों में सबसे खास है वाराणसी। यहां हर शाम दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती पूरी दुनिया से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को खींच लाती है। दीपों की रोशनी, घंटों की गूंज और मंत्रोच्चार का दृश्य गंगा की आध्यात्मिक शक्ति को जीवंत कर देता है। यूपी में गंगा का सफर वाराणसी, मिजार्पुर, गाजीपुर और बलिया जैसे जिलों से होकर आगे बढ़ता है और अंतत: बिहार की ओर निकल पड़ता है। वहां से गंगा बंगाल की खाड़ी में जाकर मिल जाती है और अपना विशाल सफर पूरा करती है। UP News