CM योगी का सख्त फरमान: मेरठ–मुजफ्फरनगर में गलत वोट जुड़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची सिर्फ कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि चुनावी पारदर्शिता की रीढ़ है, इसलिए मेरठ, मुजफ्फरनगर सहित पूरे पश्चिमी यूपी में इस प्रक्रिया को “त्रुटिरहित और निष्पक्ष” तरीके से पूरा कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, खासकर मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों में मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ निर्देश दिए हैं कि स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) के दौरान उत्तर प्रदेश में किसी भी कीमत पर फर्जी वोट नहीं जुड़ने चाहिए और कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए।
मेरठ–मुजफ्फरनगर को लेकर अलग से सख्त निर्देश
अलीगढ़ कलेक्ट्रेट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों की समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 40 भाजपा पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की। समीक्षा के दौरान उन्हें बताया गया कि मेरठ और मुजफ्फरनगर से फर्जी वोट जोड़े जाने की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं। इस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों जिलों पर विशेष निगरानी रखने, बूथ स्तर पर बारीकी से जांच करने और किसी भी संदिग्ध प्रविष्टि को तुरंत हटाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची सिर्फ कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि चुनावी पारदर्शिता की रीढ़ है, इसलिए मेरठ, मुजफ्फरनगर सहित पूरे पश्चिमी यूपी में इस प्रक्रिया को “त्रुटिरहित और निष्पक्ष” तरीके से पूरा कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
SIR को बताया चुनावी पारदर्शिता की सबसे अहम कड़ी
मुख्यमंत्री ने संगठन पदाधिकारियों से कहा कि SIR को हल्के में लेने की गलती न करें। यह उत्तर प्रदेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया है। उन्होंने दो-टूक अंदाज में कहा कि मतदाता सूची में एक भी गलत नाम शामिल होना स्वीकार्य नहीं होगा और किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटना भी उतना ही गंभीर माना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि विपक्ष चुपचाप अपने 100 फीसदी समर्थकों के नाम सूची में जोड़ने की कोशिश कर रहा है, इसलिए कार्यकर्ताओं को उत्तर प्रदेश के हर बूथ पर चौकन्ना रहना होगा, दावों–आपत्तियों की हर फाइल ध्यान से पढ़नी होगी और संदिग्ध मामलों को तुरंत चिह्नित करना होगा। बैठक में मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि कुछ जिलों में बाहरी व्यक्तियों और अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने की कोशिशों की शिकायतें आई हैं। इस पर उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अफसरों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसे किसी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बूथवार प्रगति रिपोर्ट, घर–घर सत्यापन, दावों और आपत्तियों की स्थिति तथा संवेदनशील इलाकों की अलग से समीक्षा कराई। उन्होंने कहा कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का शुद्धिकरण इस तरह किया जाए कि भविष्य में दुबारा शिकायत की गुंजाइश ही न बचे।
रोहिंग्या–बांग्लादेशी घुसपैठियों पर भी सख्त संदेश
इसी बीच सोमवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक सार्वजनिक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि घरेलू कामकाज, निर्माण कार्य या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किसी भी व्यक्ति को काम पर रखने से पहले उसकी पहचान और कागजात अवश्य जांचें। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश की कानून–व्यवस्था और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मतदाता सूची की शुद्धता, घुसपैठियों पर कार्रवाई के साथ मिलकर, इसी बड़े लक्ष्य का अहम हिस्सा है।
‘सुरक्षित और पारदर्शी उत्तर प्रदेश’ पर फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि एक ओर जहां उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठ और फर्जी वोटिंग पर कार्रवाई तेज की जा रही है, वहीं दूसरी ओर हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों और संगठन पदाधिकारियों से कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हर जिले, हर विधानसभा और हर बूथ पर यह संदेश साफ दिखाई देना चाहिए कि नए उत्तर प्रदेश में फर्जी वोट, गलत प्रविष्टि और अवैध घुसपैठ – किसी के लिए भी जगह नहीं है। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, खासकर मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों में मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ निर्देश दिए हैं कि स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) के दौरान उत्तर प्रदेश में किसी भी कीमत पर फर्जी वोट नहीं जुड़ने चाहिए और कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए।
मेरठ–मुजफ्फरनगर को लेकर अलग से सख्त निर्देश
अलीगढ़ कलेक्ट्रेट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों की समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 40 भाजपा पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की। समीक्षा के दौरान उन्हें बताया गया कि मेरठ और मुजफ्फरनगर से फर्जी वोट जोड़े जाने की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं। इस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों जिलों पर विशेष निगरानी रखने, बूथ स्तर पर बारीकी से जांच करने और किसी भी संदिग्ध प्रविष्टि को तुरंत हटाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची सिर्फ कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि चुनावी पारदर्शिता की रीढ़ है, इसलिए मेरठ, मुजफ्फरनगर सहित पूरे पश्चिमी यूपी में इस प्रक्रिया को “त्रुटिरहित और निष्पक्ष” तरीके से पूरा कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
SIR को बताया चुनावी पारदर्शिता की सबसे अहम कड़ी
मुख्यमंत्री ने संगठन पदाधिकारियों से कहा कि SIR को हल्के में लेने की गलती न करें। यह उत्तर प्रदेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया है। उन्होंने दो-टूक अंदाज में कहा कि मतदाता सूची में एक भी गलत नाम शामिल होना स्वीकार्य नहीं होगा और किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटना भी उतना ही गंभीर माना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि विपक्ष चुपचाप अपने 100 फीसदी समर्थकों के नाम सूची में जोड़ने की कोशिश कर रहा है, इसलिए कार्यकर्ताओं को उत्तर प्रदेश के हर बूथ पर चौकन्ना रहना होगा, दावों–आपत्तियों की हर फाइल ध्यान से पढ़नी होगी और संदिग्ध मामलों को तुरंत चिह्नित करना होगा। बैठक में मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि कुछ जिलों में बाहरी व्यक्तियों और अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने की कोशिशों की शिकायतें आई हैं। इस पर उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अफसरों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसे किसी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बूथवार प्रगति रिपोर्ट, घर–घर सत्यापन, दावों और आपत्तियों की स्थिति तथा संवेदनशील इलाकों की अलग से समीक्षा कराई। उन्होंने कहा कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का शुद्धिकरण इस तरह किया जाए कि भविष्य में दुबारा शिकायत की गुंजाइश ही न बचे।
रोहिंग्या–बांग्लादेशी घुसपैठियों पर भी सख्त संदेश
इसी बीच सोमवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक सार्वजनिक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि घरेलू कामकाज, निर्माण कार्य या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किसी भी व्यक्ति को काम पर रखने से पहले उसकी पहचान और कागजात अवश्य जांचें। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश की कानून–व्यवस्था और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मतदाता सूची की शुद्धता, घुसपैठियों पर कार्रवाई के साथ मिलकर, इसी बड़े लक्ष्य का अहम हिस्सा है।
‘सुरक्षित और पारदर्शी उत्तर प्रदेश’ पर फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि एक ओर जहां उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठ और फर्जी वोटिंग पर कार्रवाई तेज की जा रही है, वहीं दूसरी ओर हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों और संगठन पदाधिकारियों से कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हर जिले, हर विधानसभा और हर बूथ पर यह संदेश साफ दिखाई देना चाहिए कि नए उत्तर प्रदेश में फर्जी वोट, गलत प्रविष्टि और अवैध घुसपैठ – किसी के लिए भी जगह नहीं है। UP News












