CM योगी का सख्त फरमान: मेरठ–मुजफ्फरनगर में गलत वोट जुड़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची सिर्फ कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि चुनावी पारदर्शिता की रीढ़ है, इसलिए मेरठ, मुजफ्फरनगर सहित पूरे पश्चिमी यूपी में इस प्रक्रिया को “त्रुटिरहित और निष्पक्ष” तरीके से पूरा कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar08 Dec 2025 12:35 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, खासकर मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों में मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ निर्देश दिए हैं कि स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) के दौरान उत्तर प्रदेश में किसी भी कीमत पर फर्जी वोट नहीं जुड़ने चाहिए और कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए।

मेरठ–मुजफ्फरनगर को लेकर अलग से सख्त निर्देश

अलीगढ़ कलेक्ट्रेट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों की समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 40 भाजपा पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा की। समीक्षा के दौरान उन्हें बताया गया कि मेरठ और मुजफ्फरनगर से फर्जी वोट जोड़े जाने की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं। इस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों जिलों पर विशेष निगरानी रखने, बूथ स्तर पर बारीकी से जांच करने और किसी भी संदिग्ध प्रविष्टि को तुरंत हटाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची सिर्फ कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि चुनावी पारदर्शिता की रीढ़ है, इसलिए मेरठ, मुजफ्फरनगर सहित पूरे पश्चिमी यूपी में इस प्रक्रिया को “त्रुटिरहित और निष्पक्ष” तरीके से पूरा कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

SIR को बताया चुनावी पारदर्शिता की सबसे अहम कड़ी

मुख्यमंत्री ने संगठन पदाधिकारियों से कहा कि SIR को हल्के में लेने की गलती न करें। यह उत्तर प्रदेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया है। उन्होंने दो-टूक अंदाज में कहा कि मतदाता सूची में एक भी गलत नाम शामिल होना स्वीकार्य नहीं होगा और किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटना भी उतना ही गंभीर माना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि विपक्ष चुपचाप अपने 100 फीसदी समर्थकों के नाम सूची में जोड़ने की कोशिश कर रहा है, इसलिए कार्यकर्ताओं को उत्तर प्रदेश के हर बूथ पर चौकन्ना रहना होगा, दावों–आपत्तियों की हर फाइल ध्यान से पढ़नी होगी और संदिग्ध मामलों को तुरंत चिह्नित करना होगा। बैठक में मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि कुछ जिलों में बाहरी व्यक्तियों और अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने की कोशिशों की शिकायतें आई हैं। इस पर उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस अफसरों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसे किसी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बूथवार प्रगति रिपोर्ट, घर–घर सत्यापन, दावों और आपत्तियों की स्थिति तथा संवेदनशील इलाकों की अलग से समीक्षा कराई। उन्होंने कहा कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का शुद्धिकरण इस तरह किया जाए कि भविष्य में दुबारा शिकायत की गुंजाइश ही न बचे।

रोहिंग्या–बांग्लादेशी घुसपैठियों पर भी सख्त संदेश

इसी बीच सोमवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक सार्वजनिक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि घरेलू कामकाज, निर्माण कार्य या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किसी भी व्यक्ति को काम पर रखने से पहले उसकी पहचान और कागजात अवश्य जांचें। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश की कानून–व्यवस्था और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मतदाता सूची की शुद्धता, घुसपैठियों पर कार्रवाई के साथ मिलकर, इसी बड़े लक्ष्य का अहम हिस्सा है।

‘सुरक्षित और पारदर्शी उत्तर प्रदेश’ पर फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि एक ओर जहां उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठ और फर्जी वोटिंग पर कार्रवाई तेज की जा रही है, वहीं दूसरी ओर हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों और संगठन पदाधिकारियों से कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हर जिले, हर विधानसभा और हर बूथ पर यह संदेश साफ दिखाई देना चाहिए कि नए उत्तर प्रदेश में फर्जी वोट, गलत प्रविष्टि और अवैध घुसपैठ – किसी के लिए भी जगह नहीं है। UP News

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अयोध्या मस्जिद : नई डिजाइन दिसंबर में होगी प्रस्तुत, निर्माण 2026 से होगा शुरू

ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि मस्जिद की नई परंपरागत डिजाइन तैयार कर ली गई है और 31 दिसंबर से पहले इसका नक्शा अयोध्या विकास प्राधिकरण के सामने स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। इससे पहले जमा किया गया प्रस्ताव आवश्यक प्रक्रियाएँ पूरी न होने के कारण अमान्य हो गया था।

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अयोध्या मस्जिद
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Dec 2025 07:06 PM
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UP News : राम मंदिर के भव्य निर्माण के पूरा होने के बाद भी धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद का काम अभी जमीन पर शुरू नहीं हो पाया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के छह वर्ष बीतने के बावजूद पाँच एकड़ वाली इस भूमि पर केवल मैदान और एक पुरानी मजार ही मौजूद है, जहाँ लोग जियारत के लिए आते-जाते हैं। ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि मस्जिद की नई परंपरागत डिजाइन तैयार कर ली गई है और 31 दिसंबर से पहले इसका नक्शा अयोध्या विकास प्राधिकरण के सामने स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। इससे पहले जमा किया गया प्रस्ताव आवश्यक प्रक्रियाएँ पूरी न होने के कारण अमान्य हो गया था।

डिजाइन में बड़ा बदलाव

इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के अध्यक्ष जुफर अहमद फारूकी के अनुसार, पहले जो मस्जिद बनाई जानी थी, उसका स्वरूप पूरी तरह आधुनिक था। अंडाकार आकार, दो मीनारें और बिना मेहराबों वाला ढांचा। समुदाय के कई लोग इस रूपरेखा से सहमत नहीं थे। अब संशोधित नक्शे में पाँच मीनारें, एक बड़ा गुंबद और पारंपरिक इस्लामी वास्तुकला का उपयोग किया जाएगा। ट्रस्ट इसे पैगंबर मोहम्मद साहब के नाम पर एक बड़ी मस्जिद के रूप में विकसित करने की योजना बना रहा है।

निर्माण की संभावित शुरुआत मार्च 2026 से

प्रशासन के साथ मस्जिद परिसर के रास्ते के चौड़ीकरण को लेकर बातचीत सकारात्मक रही है। सॉयल टेस्टिंग का कार्य पूरा हो चुका है। सभी औपचारिकताएँ पूरी हो जाने के बाद मार्च 2026 के बाद निर्माण आरंभ होने की उम्मीद जताई जा रही है। मस्जिद, वजूखाना और अन्य संरचनाओं पर लगभग 65 करोड़ खर्च का अनुमान है। ट्रस्ट के पास फिलहाल केवल करीब 3 करोड़ ही उपलब्ध हैं। दान और सहयोग अभी भी अपेक्षा से बेहद कम मिला है।

परिसर की प्रमुख विशेषताएँ

* पाँच मीनारें और एक गुंबद

* एक साथ पाँच हजार पुरुष और महिलाएँ नमाज अदा कर सकेंगे

* परिसर कुल 5 एकड़ भूमि पर विकसित होगा

* कैंसर अस्पताल, संग्रहालय, लाइब्रेरी और सामुदायिक किचन की व्यवस्था

* रिसर्च सेंटर और अन्य शैक्षिक-सामाजिक सुविधाएँ

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विमान उड़ानों के रद होने से यात्रियों को परेशानियाँ, रेलवे चलाएगी विशेष ट्रेन

विभिन्न एयरलाइंस की अन्य उड़ानों में भी देरी हुई, जिससे कुल मिलाकर लगभग 12,000 यात्रियों और उनके परिजनों को परेशानी हुई। इस समस्या का मुख्य कारण पायलटों की ड्यूटी से संबंधित डीजीसीए के निदेर्शों के अनुपालन में आई बाधाएं थीं।

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प्लेन और ट्रेन
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Dec 2025 06:38 PM
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UP News : लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर इंडिगो एयरलाइन की उड़ानों में लगातार रद्दीकरण और देरी के कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। शनिवार को कुल 41 उड़ानें रद हो गईं, जिनमें 1,420 यात्रियों ने टिकट रद करवा दिए। इसके अलावा दिल्ली से लखनऊ की दो उड़ानें डायवर्ट कर पटना और कोलकाता भेजी गईं। विभिन्न एयरलाइंस की अन्य उड़ानों में भी देरी हुई, जिससे कुल मिलाकर लगभग 12,000 यात्रियों और उनके परिजनों को परेशानी हुई। इस समस्या का मुख्य कारण पायलटों की ड्यूटी से संबंधित डीजीसीए के निदेर्शों के अनुपालन में आई बाधाएं थीं। एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं और उन्हें अपनी उड़ानों की जानकारी पाने में कठिनाई हुई।

रेलवे द्वारा राहत के लिए स्पेशल ट्रेन सेवा

यात्रियों की सुविधा के लिए पूर्वोत्तर रेलवे ने गोरखपुर से मुंबई के लिए विशेष ट्रेन सेवा शुरू की। जो ट्रेने चलाई गई हैं उनकी गाड़ी संख्या और मार्ग: 05587 गोरखपुर लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) 7 दिसंबर, रात 11:25 बजे गोरखपुर से प्रस्थान फिर गोमतीनगर सुबह 4:35 बजे फिर कानपुर, उरई, झांसी, बीना, रानी कमलापति, इटारसी, भुसावल, नासिक, इगतपुरी, कल्याण एलटीटी सुबह 9:00 बजे आगमन होगा।

वापसी ट्रेन: 05588 एलटीटी - गोरखपुर

9 दिसंबर, सुबह 11:00 बजे एलटीटी से प्रस्थान फिर मुख्य स्टेशनों ऐशबाग, बादशाहनगर, गोमतीनगर, गोरखपुर रात 8:15 बजे

पहुंचेगी। इसमें स्लीपर 4 कोच, थर्ड एसी 8 कोच, सेकंड एसी 2 कोच, फर्स्ट एसी 1 कोच होगी। इस तरह रेलवे ने विमान उड़ानों के रद होने से प्रभावित यात्रियों को गोरखपुर से मुंबई तक सुरक्षित पहुँचाने की व्यवस्था की है।


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