झांसी में सेना ने किया आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन, दुश्मनों की अब खैर नहीं
Indian Army
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
22 Oct 2024 08:58 PM
UP News : उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में स्थित बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना का युद्धाभ्यास चल रहा है। यह युद्धाभ्यास सेना की दक्षिणी कमान के सुदर्शन चक्र कोर द्वारा आयोजित किया गया है। सेना को इस युद्धाभ्यास में नई तकनीक और आधुनिक हथियारों का प्रयोग के बारे में जानकारी दी जा रही है।
सेना का शक्ति प्रदर्शन
सेना के युद्धाभ्यास के दौरान झांसी के बबीना फायरिंग रेंज में भव्य नजारा देखने को मिला। आसमान से ड्रोन बम बरसा जा रहे थे तो दूसरी तरफ तोप से गोले गरज रहे थे। बता दें कि युद्धाभ्यास में आधुनिक तकनीकी से लैस शस्त्रों का प्रदर्शन भी किया गया। साथ ही यह भी दिखाया गया कि किस प्रकार अपना बचाव करते हुए युद्ध के दौरान दुश्मनों पर हमला कर सकते है।
अर्मी फायरिंग रेंज में लगा मेला
इसके साथ ही यहां पर एक मेले का आयोजन भी किया गया। जिसमें अलग-अलग उपकरणों को डिस्प्ले करते हुए उनके बारे में जानकारी दी गई। बता दें कि झांसी के बबीना अर्मी फायरिंग रेंज में 17 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक भारतीय सेना का युद्धाभ्यास चलेगा। इसके माध्यम से बताया जा रहा है कि भारतीय सेना अब आधुनिक तकनीकी से लैस उपकरणों का भी प्रयोग कर रही है।
युद्धाभ्यास में सैन्यकर्मियों ने लिया हिस्सा
अब हथियारों के मामले में भारतीय सेना आत्मनिर्भर बनने जा रही है। इस युद्धाभ्यास में 1800 सैन्यकर्मी, 200 से अधिक बख्तरबंद वाहन भाग ले रहे हैं। साथ ही कई हवाई उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा डीआएडीओ की प्रयोगशाला में तैयार किए गए रक्षा उपकरणों से भी युद्धाभ्यास किया गया है।
नई तकनीक और आधुनिक हथियारों
साथ ही युद्धाभ्यास में स्वार्म ड्रोन, कामिकेज ड्रोन, लॉजिस्टिक ड्रोन जैमर, मोबाइल एडहॉक नेटवर्क सिस्टम, रोबोटिक म्यूल, ऑल टेरेन वाहन (ATV), लाइट आर्म्ड मल्टीपर्पस वाहन, गाइडेड प्रिसिजन एरियल डिलीवरी सिस्टम, लेज़र-आधारित संचार प्रणाली, निर्देशित ऊर्जा हथियार आदि शामिल हैं। बीते सोमवार को कराए गए युद्धाभ्यास में बताया गया कि किस प्रकार दुश्मनों के हमले से बचते हुए उनपर अटैक किया जाता है। इसके अलावा एयर फोर्स द्वारा हवाई हमले का भी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान ड्रोन, तोपों से बम बरस रहे थे। बताया जा रहा है कि यह अभ्यास भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और भविष्य की तैयारियों को मजबूत करेगा। UP News