
UP News : केंद्र और यूपी दोनों ही जगह भाजपा की सरकार है। केंद्र में पीएम नरेंद्र मोदी है और यूपी में सीएम आदित्यनाथ हैं। दोनों ही गरीबों की गरीबों को अन्न उपलब्ध कराने के दावे करते हैं। बुधवार को ही केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पीएम गरीब अन्न योजना को अगले पांच साल तक बढ़ा दिया गया है। इस योजना के तहत देश की 81 करोड़ जनता को फ्री में राशन मिलेगा। सरकारी यह योजना कितनी कारगर है, इसकी बानकी यूपी के मिर्जापुर जिले में देखने को मिलती है। मिर्जापुर में एक सात साल का बच्चा तीन दिन से भूखा है, उसकी मां भी तीन दिन से भूखी है। पिता का निधन हो चुका है। खाने के लिए कुछ भी पास नहीं है।
दरअसल, सात साल के इस बच्चे की व्यथा सुनकर आप भी भावुक हो जाएंगे। आपको बता दें कि मिर्जापुर जनपद की इमियाचट्टी पुलिस चौकी पर प्रभारी दिलीप गुप्ता बैठे थे, कि तभी वहां करीब सात साल का एक बच्चा पहुंचता है और दहाड़े मार मार कर रोने लगता है। बच्चे के अचानक से चौकी पर आने और दहाड़े मार मार कर रोता हुआ देखकर चौकी पर मौजूद लोगों ने यही समझा कि शायद बच्चे के परिवार के साथ कोई अनहोनी हो गई है। लेकिन जब पुलिस चौकी प्रभारी दिलीप गुप्ता ने उसे अपने पास बुलाया और रोने की वजह पूछी तो चौकी पर मौजूद हर कोई भाुवक हो गया। यह बच्चा मिर्जापुर जनपद की चुनार तहसील के पटिहटा का रहने वाला था। उसने बताया कि वह तीन दिन से भूखा है उसे बहुत जोर से भूख लगी है। जिस पर चौकी प्रभारी ने तुरंत ही बच्चे के लिए भोजन की व्यवस्था कराई।
पुलिस चौकी पहुंचे सात साल के इस बच्चे के पिता का तीन साल पहले निधन हो चुका है। उसकी मां मानसिक रूप से बीमार रहती है। मां और बेटे दोनों के पास आवास नहीं है। इस वजह से गांव में काली मां के मंदिर में एक कमरे में दोनों रहते हैं। बच्चा आसपास के लोगों से मदद मांगकर मां का इलाज करवाता है और इसी तरह भोजन का भी इंतजाम करता है। मगर पिछले तीन दिन से उसके खाने का इंतजाम नहीं हो सका। इस वजह से बच्चा दो दिन तक भूखा रहा और उसकी मां ने तीन दिन से कुछ नहीं खाया। जब बच्चा भूख बर्दाश्त नहीं कर सका तो वह पुलिस चौकी पहुंचकर रोने लगा।
चौकी प्रभारी दिलीप गुप्ता ने बताया कि बच्चे के लिए खाने का इंतजाम कर दिया गया है। बच्चे ने बताया था कि वह तीन दिन से भूखा है। गांव के प्रधान से भी मदद के लिए कहा गया है। वहीं बच्चे ने बताया कि दो दिन से उसे खाना नहीं मिला था। मां ने भी तीन दिनों से खाना नहीं खाया था। इसलिए हम खाने के लिए मदद मांगने दरोगा जी के पास चले गए थे।
चौकी प्रभारी ने बताया कि बाद में वह बच्चे को लेकर उसके घर गए। वहां पर खाने की व्यवस्था की गई है। आवास भी नहीं है, उसके लिए प्रधान से बोला गया है। बच्चे की एक रिश्तेदार महिला ने कहा कि बच्चे के पिता गुजर गए हैं। मां मानसिक रूप से बीमार है। हम मदद करने आते रहते थे। पिछले 9 साल से ये गांव में बने इसी मंदिर में रहते हैं।